यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! अब छुट्टी के दिन भी मिलेगा पूरा वेतन 

यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! अब छुट्टी के दिन भी मिलेगा पूरा वेतन 

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग और अंशकालिक कर्मियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब ऐसे कर्मचारियों को छह दिन लगातार काम करने के बाद एक दिन का सवेतन साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा। यानी अब उन्हें छुट्टी के दिन भी वेतन मिलेगा। इसके साथ ही काम के घंटे भी तय कर दिए गए हैं—कर्मचारियों से रोजाना 8 से 9 घंटे तक ही काम लिया जाएगा, और इससे अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह जानकारी समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लगातार सुधार कर रही है।

छुट्टियों और वेतन संरचना में भी बड़ा बदलाव

राजधानी लखनऊ में आयोजित श्रमिक संवाद कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की सभी इकाइयों में इन नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। कर्मचारियों के लिए अवकाश नीति को भी व्यवस्थित किया गया है। अब कर्मियों को हर साल 10 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। वहीं, छह महीने की सेवा पूरी करने के बाद 15 दिन का बीमारी अवकाश भी दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रति वर्ष 15 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा, जिसे कर्मचारी आगे के लिए जोड़ (carry forward) भी सकेंगे। वेतन ढांचे में भी सुधार किया गया है, जिसके तहत मूल वेतन (Basic Salary) कुल सैलरी यानी CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को अधिक स्थिर और पारदर्शी आय का लाभ मिलेगा।

श्रमिकों के हितों की सुरक्षा पर सरकार का जोर

सरकार ने आउटसोर्सिंग सेवा निगम के गठन और नए श्रम नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे आउटसोर्सिंग कर्मियों का शोषण रोकने में मदद मिलेगी और उन्हें उचित सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

महंगाई और आर्थिक स्थिति पर भी दिया बयान

मंत्री असीम अरुण ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में महंगाई नियंत्रित रही है। पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहने से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश की आर्थिक वृद्धि दर 6 से 6.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, जो वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एक सकारात्मक संकेत है।

श्रमिक परिवारों को मिलेगा बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में निर्माण श्रमिकों को बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 12 लाख 26 हजार श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं, जिसके तहत उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

सरकार जल्द ही बाकी 15 लाख से अधिक श्रमिकों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी में है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों को मानें तो यह योजना 75 से 80 लाख लोगों तक पहुंचेगी। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर एक करोड़ श्रमिक परिवारों यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रमिकों की मेहनत से ही देश का निर्माण हो रहा है और सरकार उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

 

Leave a Comment