जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए ₹1 करोड़ बीमा की मांग
latest update: जनगणना 2027 को लेकर एक नई मांग जोर पकड़ती जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे हर कर्मचारी के लिए कम से कम ₹1 करोड़ का बीमा अनिवार्य किया जाए।
“चुनाव में 20 लाख, तो जनगणना में क्यों नहीं?”
संगठनों का कहना है कि जब चुनाव ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु पर ₹20 लाख तक का मुआवजा दिया जाता है, तो जनगणना जैसे बड़े और जिम्मेदारी भरे राष्ट्रीय कार्य में यह सुविधा सीमित क्यों रहे?
उनका तर्क सीधा है—काम भले अलग हो, लेकिन जोखिम और जिम्मेदारी दोनों ही जगह बराबर हैं।
कठिन हालात में काम, जोखिम हर पल
जनगणना का काम कागजों तक सीमित नहीं होता। कर्मचारी दिन-रात फील्ड में रहते हैं। कई बार तेज गर्मी, दूरदराज इलाके और कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
ऐसे हालात में अगर ड्यूटी के दौरान कोई हादसा हो जाए, तो परिवार पर अचानक बड़ा संकट आ जाता है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन इसे सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत मान रहे हैं।
मुख्य मांग क्या है?
👉 जनगणना ड्यूटी में लगे हर कर्मचारी के लिए कम से कम ₹1 करोड़ का बीमा
👉 ड्यूटी के दौरान मृत्यु या गंभीर हादसे पर तत्काल आर्थिक सहायता
👉 परिवार को सुरक्षित भविष्य देने की गारंटी
संदेश साफ: “जो देश की गणना करे, उसकी सुरक्षा भी देश की जिम्मेदारी”
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जो लोग देश की जनगणना जैसे अहम काम में जुटे हैं, उनके परिवार को असहाय नहीं छोड़ा जाना चाहिए।