हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बड़ा फैसला: कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को मिलेगा पूरा वेतन
latest update: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब यूपी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रही है। एडेड (अशासकीय सहायता प्राप्त) माध्यमिक स्कूलों में वर्षों से कार्यवाहक प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। बहुत जल्द इन्हें नियमित प्रधानाचार्य के बराबर वेतन मिलने लगेगा।
शासन के निर्देश के बाद मंडल स्तर पर हलचल तेज हो गई है। आजमगढ़ मंडल से इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को तुरंत प्रस्ताव भेजने को कहा है। इसी तरह अन्य मंडलों में भी फाइलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। साफ है कि इस बार मामला सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने वाला।
“समान काम, समान वेतन” पर कोर्ट सख्त
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि अगर कोई वरिष्ठ शिक्षक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में काम कर रहा है और उसके हस्ताक्षर प्रमाणित हो चुके हैं, तो उसे तीन महीने बाद से ही प्रधानाचार्य का पूरा वेतन मिलना चाहिए। यह वेतन तब तक जारी रहेगा जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती या संबंधित शिक्षक सेवानिवृत्त नहीं हो जाता।
कोर्ट ने “equal pay for equal work” के सिद्धांत को आधार बनाते हुए कहा कि जब जिम्मेदारी और काम दोनों प्रधानाचार्य जैसा है, तो वेतन भी वैसा ही होना चाहिए। यह फैसला लंबे समय से चल रही एक बड़ी समस्या पर सीधा वार माना जा रहा है।
वर्षों से चल रही थी असमानता
प्रदेश में करीब 4512 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 3500 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जहां नियमित प्रधानाचार्य नहीं हैं। इन स्कूलों में सालों से कार्यवाहक प्रधानाचार्य ही पूरा काम संभाल रहे हैं।
स्थिति कुछ ऐसी थी जैसे किसी को पूरी गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी दी जाए, लेकिन वेतन केवल सहायक का मिले। इसी वजह से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी और आखिरकार मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
सरकार की चेतावनी, अब नहीं चलेगी ढिलाई
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने सभी मंडलीय और जिला स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। हाल ही में चेतावनी भी जारी की गई है कि अगर इस मामले में और देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
अब प्रशासनिक स्तर पर भी तेजी दिख रही है, जिससे संकेत मिलते हैं कि जल्द ही शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलने लगेगा।
शिक्षक संगठनों ने जताई खुशी
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उनके अनुसार, यह निर्णय उन हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो वर्षों से बिना उचित वेतन के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी निभा रहे थे।