यूपी के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की होगी जांच, 10 दिन में मांगा पूरा रिकॉर्ड, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। आगरा जिले के मान्यता प्राप्त निजी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की नियुक्तियों की जांच की जाएगी। विभाग ने सभी विद्यालयों से शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड 10 दिन के अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां तय नियमों के अनुसार हुई हैं या नहीं।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया का सही होना बेहद जरूरी माना जाता है। इसी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने अब निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की नियुक्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभाग यह देखेगा कि शिक्षकों की भर्ती उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय (जूनियर हाईस्कूल) भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली-1978 और अन्य निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की गई है या नहीं।
विद्यालयों से मांगी गई शिक्षकों की पूरी जानकारी
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह की ओर से जारी निर्देशों में सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को एक निर्धारित प्रारूप में जानकारी देने को कहा गया है। इसमें विद्यालय का नाम, मान्यता का स्तर, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के नाम, उनकी शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण योग्यता, नियुक्ति की तारीख और विभागीय अनुमोदन से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
विभाग की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आए हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों की भर्ती करते समय सभी जरूरी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है या नहीं।
यदि किसी विद्यालय में नियमों के खिलाफ नियुक्तियां पाई जाती हैं तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा अगर कोई विद्यालय तय समय सीमा में मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराता है तो उसके खिलाफ भी विभागीय स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।
आगरा में करीब 1700 मान्यता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी परिषदीय विद्यालयों के अलावा बड़ी संख्या में निजी प्रबंधन द्वारा संचालित मान्यता प्राप्त विद्यालय भी हैं। आगरा जिले में ऐसे विद्यालयों की संख्या करीब 1700 बताई जा रही है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा से जुड़े मामलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी की अनुमति जरूरी होती है।
अब विभाग इन विद्यालयों के रिकॉर्ड की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी स्कूल नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता रहने से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षकों का चयन बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए नियुक्तियों में किसी भी तरह की लापरवाही का असर सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। विभाग की यह जांच स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह साफ होगा कि कितने विद्यालयों में नियुक्तियां नियमों के अनुसार हुई हैं और कहां सुधार की जरूरत है। सही प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ ही उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर बनाया जा सकता है।
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