8th Pay Commission: लखनऊ में 8वें वेतन आयोग की अहम बैठक शुरू, जानें कब बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी
देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर है। ये बैठक 22 और 23 जून को आयोजित की जा रही है, जहां आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और हितधारकों के साथ सीधे संवाद कर रहा है। इस मुलाकात का खास उद्देश्य कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों और फिटमेंट फैक्टर को लेकर उनकी राय और शिकायतों को जानना है।
यूपी के कर्मचारी संगठनों को मिला अपनी बात रखने का मौका
8वें वेतन आयोग के इस दौरे से उत्तर प्रदेश के केंद्रीय कर्मचारी संगठनों को अपनी मांगें सीधे पैनल के सामने रखने का अवसर मिला है। आपको बता दें कि बैठक में शामिल होने के लिए यूनियनों को 10 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने का समय दिया गया था।
इस दौरान कर्मचारी संघ वेतन विसंगतियों को दूर करने, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ी मांगों का मेमोरेंडम सौंप रहे हैं ताकि आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट में इन्हें शामिल कर सके।
1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा असर
इस वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर देश के 50 लाख से ज्यादा एक्टिव केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख रिटायर्ड पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है, जिनमें रेलवे और रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल हैं। बता दें कि आयोग फिलहाल अलग-अलग राज्यों का दौरा कर आंकड़े और सुझाव जुटा रहा है। लखनऊ के बाद यह टीम जुलाई में भुवनेश्वर 6-7 जुलाई और कोलकाता 9-10 जुलाई का भी दौरा करेगी।
कब तक आएंगी सिफारिशें और कब बढ़ेगी सैलरी?
नवंबर 2025 में गठित हुए इस 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि पैनल मध्य-2027 के बाद तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। हालांकि पुरानी परंपराओं को देखें तो सिफारिशें आने के बाद सरकार द्वारा इन्हें पूरी तरह लागू करने में 2 से 3 साल का समय लग सकता है, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का पूरा लाभ 2029-2030 तक मिल पाएगा।