औचक निरीक्षण: डीएम का BSA कार्यालय पर दो कर्मचारी गैरहाजिर, वेतन कटौती और कार्रवाई के आदेश
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय की व्यवस्था और कर्मचारियों की मौजूदगी की जांच की गई। निरीक्षण में दो कर्मचारी बिना किसी सूचना के कार्यालय से गायब मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डीएम के इस औचक निरीक्षण से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहना और जिम्मेदारी के साथ काम करना जरूरी है। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
BSA कार्यालय में दो कर्मचारी मिले अनुपस्थित
सकीट रोड स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली। इस दौरान वरिष्ठ सहायक जितेंद्र प्रताप सिंह और प्रधान सहायक राजीव कुमार शर्मा कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। दोनों कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने का कोई पूर्व सूचना पत्र भी नहीं मिला था।
जिलाधिकारी ने बिना जानकारी दिए कार्यालय से गायब रहने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने दोनों कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने और विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई को कर्मचारियों में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के समय बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बताया गया कि बीएसए सूचना आयुक्त के समक्ष सुनवाई में शामिल होने के लिए लखनऊ गए हुए थे।
शिक्षकों से जुड़े मामलों को समय पर निपटाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कार्यालय के वित्त एवं लेखा अनुभाग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी ली, जिसमें पेंशन, एसीपी, एरियर, वार्षिक वेतन वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी प्रकरण शामिल थे।
डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकों और कर्मचारियों के मामलों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सभी कार्य पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएं और शिकायत मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग में लंबित मामलों को लेकर अक्सर कर्मचारियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा समयबद्ध समाधान पर जोर देने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यालय की सफाई और विद्यालयों की व्यवस्था पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में गंदगी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना और छात्र उपस्थिति की भी समीक्षा की।
डीएम ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। जिन स्कूलों में 85 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई है, वहां रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता और विद्यालयों की व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
निरीक्षण के दौरान अंतरजनपदीय शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 20 जून तक 56 शिक्षकों ने पोर्टल पर आवेदन किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्थानांतरण प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए।
उन्होंने नए शैक्षिक सत्र में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, विद्यालयों में बेहतर माहौल बनाने और लंबित मामलों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कार्यालय से लेकर विद्यालय स्तर तक हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी।
एटा डीएम का BSA कार्यालय निरीक्षण केवल कर्मचारियों की अनुपस्थिति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें शिक्षा विभाग की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि कार्यालयों में कार्यप्रणाली बेहतर होगी और शिक्षकों व विद्यार्थियों से जुड़े काम तेजी से पूरे हो सकेंगे।