यूपी के सभी स्कूलों में सुबह 10 बजे तक ही आउटडोर एक्टिविटी, टाइमिंग पर सरकार का नया आदेश 

यूपी के सभी स्कूलों में सुबह 10 बजे तक ही आउटडोर एक्टिविटी, टाइमिंग पर सरकार का नया आदेश 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्कूलों मैं शैक्षणिक कार्य को लेकर सरकार की ओर से बड़ा आदेश जारी किया गया है। भीषण गर्मी जैसी स्थिति को देखते हुए स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के समय पर नियमों को सख्त किया गया है। सभी प्रकार के सरकारी और निजी स्कूलों में सुबह 10:00 बजे तक आउटडोर एक्टिविटीज को समाप्त कर लिए जाने का निर्देश जारी किया गया है। स्कूलों से कहा गया है कि वह प्रार्थना सभा, एक्सरसाइज, खेलकूद जैसी गतिविधियां सुबह 10:00 बजे से पहले पूरी कर लें। इसके बाद बच्चों को किसी भी स्थिति में स्कूल कक्ष के बाहर निकालने की अनुमति न दी जाए। साथ ही मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए भी बच्चों के आउटडोर एक्टिविटी को प्रतिबंधित किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि बच्चों की सेहत के साथ किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

सरकार का शुरू हो रहा अभियान

योगी आदित्यनाथ सरकार में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक जुलाई से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण को शुरू करने का आदेश जारी किया है। 15 जुलाई तक यह अभियान चलेगा। सीएम योगी ने जनता के नाम लिखे पत्र में तमाम लोगों से बच्चों की स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है। वहीं, स्कूल में बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा या मौसम की मार का सामना न करना पड़े, इसके लिए भी सरकार के स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी हुई है।

 

मानसून काल में बारिश कम होने और गर्मी अधिक पड़ने की चेतावनी को देखते हुए स्कूलों के लिए नई हीट सेफ्टी गाइडलाइन जारी की गई है। सरकार की ओर से जारी किए गए नए नियमों के तहत, सुबह 10:00 बजे के बाद स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। साथ ही बच्चों को नियमित पानी देने, नोडल हेल्थ टीचर, ओआरएस और फर्स्ट एड जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं। स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने को लेकर सरकार गंभीर है।

 

सख्त प्रोटोकॉल जारी

योगी सरकार ने भीषण गर्मी और लूज ऐसी स्थिति को देखते हुए सख्त और खास सेफ्टी प्रोटोकॉल जारी किया है। इसका उद्देश्य बच्चों को बीमार होने से बचाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी ‘टीचर्स गाइडलाइन 2026’ में शिक्षकों को लू के खतरों को पहचान सकने के लिए काबिल बनाने पर जोर दिया गया है। शिक्षक बच्चों को लू के खतरों के प्रतीक जागरूक करेंगे। साथ ही, जरूरत पड़ने पर तुरंत फर्स्ट एड दे सकेंगे। सरकार की इस पहल से स्कूलों को हीट एक्शन प्लान बनाना होगा। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सेहत पर भी नजर रखी जाएगी।

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