फर्जी दस्तावेज से नौकरी! शिक्षिका पर FIR, नौकरी भी गई, पूरा मामला जानिए
यूपी के अंबेडकरनगर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी करने वाली एक शिक्षिका पर आखिरकार शिकंजा कस गया। latest update के अनुसार, खंड शिक्षा अधिकारी भियांव विवेक द्विवेदी की शिकायत पर शिक्षिका कंचन देवी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है और उन्हें सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने fake B.Ed डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की और वर्षों तक विभाग को गुमराह करती रहीं।
पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब 19 जनवरी 2024 को शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत एसटीएफ तक पहुंची। जांच में सामने आया कि कंचन देवी ने 1994 में गोंडा के एक कॉलेज से B.Ed करने का दावा किया था, लेकिन जब official details के तहत सत्यापन कराया गया, तो कॉलेज ने साफ इनकार कर दिया कि इस नाम की कोई छात्रा वहां से पास नहीं हुई। यहीं से मामला पूरी तरह पलट गया और दस्तावेज फर्जी साबित हो गए।
अगर उनकी नौकरी के सफर पर नजर डालें, तो उन्हें 31 दिसंबर 2005 को नियुक्ति मिली थी और 2 जनवरी 2006 को उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में जॉइन किया। करीब दो साल बाद 2008 में प्रमोशन के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनाती मिल गई। यानी लंबे समय तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन एक शिकायत ने पूरा खेल बदल दिया।
जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन तय समय में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 11 फरवरी 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया गया, रिकवरी के आदेश जारी हुए और अब FIR भी दर्ज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह मामला साफ संकेत देता है कि अब सरकारी भर्तियों में important guidelines और जांच प्रक्रिया काफी सख्त हो चुकी है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाना भले आसान लगे, लेकिन पकड़े जाने पर नौकरी के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी झेलनी पड़ती है। इसलिए अगर आप किसी सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो सही दस्तावेज और पारदर्शी प्रक्रिया ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।