UP DBT Scheme 2026: छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और बैग के लिए मिलेंगे ₹1200, एक जुलाई से पहले खातों में पहुंचेगी राशि
उत्तर प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले सरकार बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खातों में सीधे धनराशि भेजने जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि भेजने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इससे अभिभावकों को बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में काफी मदद मिलेगी।
प्रतापगढ़ जिले में इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मिलने जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 1,78,870 विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में जल्द ही 1200 रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बच्चों तक योजना का पूरा लाभ पहुंच सके। अधिकारियों का कहना है कि एक जुलाई से पहले यह धनराशि खातों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि विद्यालयों के नियमित संचालन शुरू होने से पहले सभी विद्यार्थी आवश्यक सामग्री खरीद सकें।
डीबीटी योजना का लाभ केवल परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत सहायता प्राप्त विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया गया है। प्रेरणा पोर्टल के अनुसार प्रतापगढ़ जिले में कुल 1,80,970 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश बच्चों के बैंक खाते सत्यापित और आधार से लिंक हैं, जिसके कारण उनके खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
हालांकि अभी भी लगभग 2100 विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों से संबंधित कुछ औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं। विभाग इन खातों का आधार प्रमाणीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करा रहा है ताकि कोई भी पात्र छात्र योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि सभी योग्य विद्यार्थियों तक यह सहायता राशि समय पर पहुंच सके और उन्हें नए सत्र में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डीबीटी योजना ने सरकारी सहायता को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है। पहले जहां सामग्री की खरीद और वितरण में समय लगता था, वहीं अब अभिभावकों को सीधे धनराशि मिलने से वे बच्चों की जरूरत के अनुसार सामान खरीद सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को समय पर यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्कूल बैग उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और स्कूल में नियमित उपस्थिति बनाए रखने में मदद मिलती है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवब्रत सिंह के अनुसार विभाग का लक्ष्य अधिकतम पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह में धनराशि भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इससे जुलाई में स्कूल खुलने से पहले बच्चों को सभी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी और उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी।