मौत के पांच साल बाद दो शिक्षिकाओं को मिली बीएसए पदोन्नति, सूची में नाम आने से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में पदोन्नति सूची को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पांच साल पहले निधन हो चुकीं दो शिक्षिकाओं के नाम बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और समकक्ष पदों पर पदोन्नति की सूची में शामिल कर दिए गए। इससे विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर 16 और 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई थी। इस बैठक में पदोन्नति को मंजूरी दी गई। इसके बाद 26 मई को निरीक्षण शाखा (खंड शिक्षाधिकारी) के 164, शैक्षिक अध्यापन महिला शाखा के 159 और पुरुष शाखा के 167 शिक्षकों की पदोन्नति बीएसए, वरिष्ठ प्रवक्ता डायट, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज और अन्य समकक्ष पदों पर की गई।
इस सूची में महिला शाखा के क्रमांक 19 पर दर्ज सुनील लता और क्रमांक 47 पर दर्ज सुमन कुमारी का नाम शामिल है। खास बात यह है कि दोनों शिक्षिकाओं का निधन कई वर्ष पहले हो चुका है।
सुनील लता ने 11 जनवरी 1997 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यभार संभाला था। उनका निधन 29 अप्रैल 2021 को हो गया था। वहीं सुमन कुमारी, जो राजकीय हाईस्कूल अर्न्धरा हरदोई में प्रधानाध्यापिका थीं, उनका निधन 27 मार्च 2021 को सेवाकाल के दौरान हो गया था। सुमन कुमारी के निधन के बाद उनके बेटे को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति भी मिल चुकी है।
इसके बावजूद दोनों दिवंगत शिक्षिकाओं का नाम पदोन्नति सूची में शामिल होना विभागीय जांच का विषय बन गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि डीपीसी की बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही थी।
पदोन्नति के बाद भी नहीं हुई तैनाती
26 मई को जारी हुई पदोन्नति सूची के बाद अभी तक कई अधिकारियों को तैनाती नहीं मिल सकी है। पदोन्नति पाने वाले कई अधिकारी जल्द सेवानिवृत्त होने वाले हैं, इसलिए वे जल्द तैनाती की मांग कर रहे हैं।
इस बीच संयुक्त सचिव शासन वेद प्रकाश राय ने एससीईआरटी लखनऊ के निदेशक को पत्र भेजकर खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के बाद तैनाती के लिए प्रस्ताव मांगा है। नियमों के अनुसार बीईओ को वरिष्ठ प्रवक्ता डायट पद पर तैनाती उनके गृह जिले या उसी जिले में नहीं दी जाएगी, जहां से उनकी पदोन्नति हुई है।
मामले पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि मृत शिक्षिकाओं की पदोन्नति का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।