अमेठी में शिक्षक ने भेजा इस्तीफा, बीईओ पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप; जांच समिति गठित
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के सिंघपुर विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष एवं सहायक शिक्षक आशुतोष शुक्ल ने अपने पद और शिक्षक सेवा से इस्तीफा भेजते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है और मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक शिक्षक आशुतोष शुक्ल ने मुख्यमंत्री और जनसुनवाई पोर्टल पर भेजे गए अपने पत्र में आरोप लगाया है कि बीआरसी में तैनात कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत भेजे जाने के बाद उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिक्षक का कहना है कि उनके साथ कई बार अभद्र व्यवहार किया गया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और विभागीय कार्रवाई, निलंबन तथा बर्खास्तगी की धमकियां भी दी गईं।
अपने पत्र में शिक्षक ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय कार्यों में उपयोग होने वाले संपदा पोर्टल के संचालन में कुछ अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। शिक्षक का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी हरिओम तिवारी ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें शिक्षक द्वारा किसी प्रकार का इस्तीफा भेजे जाने की कोई जानकारी नहीं है। बीईओ के अनुसार उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और वास्तविकता से कोई संबंध नहीं रखते।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए बहादुरपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सचान और तिलोई के बीईओ रामकिशुन कश्यप की दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार समिति 18 जून को दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी और उपलब्ध दस्तावेजों व तथ्यों का परीक्षण करेगी। इसके बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मामला जांचाधीन है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता या दोष पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षक संगठन भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि उसी के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।