शिक्षामित्रों को मिला नया अब, करना होगा यह कार्य, पढ़िए सूचना
सिद्धार्थनगर: जिले District में निरक्षरता उन्मूलन के लिए बड़े स्तर पर विशेष साक्षरता अभियान चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत जिले District में 17 हजार निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इसके लिए सबसे पहले व्यापक स्तर पर सर्वे survey कर निरक्षर व्यक्तियों का चिन्हांकन किया जाएगा, ताकि उन्हें शिक्षा shiksha से जोड़ने के लिए प्रभावी योजना Yojna बनाई जा सके।
ये भी पढ़ें
लिखकर दो, हमारा डेटा कहां जाएंगा! जनगणना करने आए शिक्षक से भिड़ा ये बंदा, देखें वायरल वीडियो
शिक्षा मित्रों की भूमिका
बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से संचालित करेगा। प्रारंभिक चरण में शिक्षा मित्रों shikshamitro के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जो अब तक पढ़ने-लिखने से वंचित हैं। शिक्षामित्र shikshamitra संबंधित क्षेत्रों में सर्वे Survey कर निरक्षरों का विवरण तैयार करेंगे, जिसके आधार पर विभाग vibhag आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप देगा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार शुक्ल ने बताया कि सर्वे survey पूरा होने के बाद चिन्हित असाक्षरों के लिए विशेष शिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत उन्हें पढ़ना, लिखना और सामान्य गणना जैसी बुनियादी शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों Vidyalaya और अन्य चयनित केंद्रों पर साक्षरता कक्षाएं Class संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। आगामी 16 जून June से परिषदीय विद्यालयों vidyalaya के ग्रीष्मावकाश के बाद पुनः खुलने के साथ ही यह अभियान गति पकड़ेगा। विद्यालयों vidyalaya में शिक्षकों, शिक्षा मित्रों shikshamitro और विभागीय अधिकारियों की सहभागिता से अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। विभाग का मानना है कि स्कूल School खुलने के बाद संसाधनों और मानवबल की उपलब्धता बढ़ने से अभियान को सफल बनाने में आसानी होगी।
हर व्यक्ति के लिए शिक्षा
जनपद का कोई भी व्यक्ति शिक्षा shiksha के अधिकार से वंचित न रहे। निरक्षरों की पहचान के लिए शिक्षामित्रों shikshamitro के माध्यम से सर्वे survey की तैयारी की जा रही है। सर्वे survey के आधार पर चिन्हित लोगों के लिए विशेष साक्षरता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि उन्हें पढ़ने-लिखने योग्य बनाया जा सके। खंड शिक्षा अधिकारियों BEO को निर्देश दिए हैं कि अभियान की रूपरेखा को समयबद्ध तरीके से तैयार करें व शिक्षामित्रों shikshamitro और विद्यालयों vidyalaya के माध्यम से इसे सफल बनाने के लिए अभी से आवश्यक तैयारियां शुरू कर दें।
– शैलेश कुमार, BSA