भीषण गर्मी के चलते ग्रीष्मावकाश 30 जून तक बढ़ाने की मांग, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भेजा ज्ञापन
प्रयागराज/लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग उठाई है। संगठन ने इस संबंध में शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी को ज्ञापन भेजकर अवकाश 30 जून 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।
संगठन द्वारा 10 जून 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। भीषण गर्मी और लू का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की अनियमितता और गर्मी से बचाव के सीमित संसाधनों के कारण विद्यार्थियों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
छात्रों के स्वास्थ्य को बताया प्रमुख चिंता
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि परिषदीय विद्यालय 16 जून से पुनः खुलने प्रस्तावित हैं, लेकिन मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालय संचालन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की ओर से लगातार अवकाश बढ़ाने की मांग की जा रही है।
1 जुलाई से विद्यालय खोलने का सुझाव
बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाया जाए तथा 1 जुलाई 2026 से विद्यालयों का संचालन प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक किया जाए, ताकि गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
अभी तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं
गौरतलब है कि यह केवल एक शिक्षक संगठन द्वारा की गई मांग है। ग्रीष्मावकाश बढ़ाने संबंधी अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में विद्यालय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खुलने की स्थिति में हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से यदि इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसकी सूचना आधिकारिक आदेश के माध्यम से जारी की जाएगी। फिलहाल अवकाश विस्तार को लेकर कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है।