परिषदीय विद्यालयों में Subject Mapping पर उठे सवाल, शिक्षकों ने मांगी सभी ब्लॉकों में एक समान नीति
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की Subject Mapping को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के अलग-अलग ब्लॉकों में विषय निर्धारण के लिए अलग-अलग नियम अपनाए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों के बीच असमानता की स्थिति पैदा हो रही है।
शिक्षकों के अनुसार Subject Mapping की प्रक्रिया में एकरूपता नहीं होने के कारण कई शिक्षकों को उनकी शैक्षिक योग्यता और विषय पृष्ठभूमि के अनुसार जिम्मेदारी नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि सभी ब्लॉकों में एक ही मानक के आधार पर विषयों का निर्धारण किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी शिक्षक के साथ भेदभाव की स्थिति न बने।
कॉमर्स और एग्रीकल्चर शिक्षकों की मैपिंग को लेकर उठे सवाल
शिक्षकों द्वारा साझा किए गए मुद्दों के अनुसार कुछ ब्लॉकों में कॉमर्स (Commerce) विषय से जुड़े शिक्षकों को विज्ञान वर्ग की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें सामाजिक विज्ञान विषय में शामिल किया गया है। इसी तरह एग्रीकल्चर (Agriculture) विषय वाले शिक्षकों की Subject Mapping भी अलग-अलग तरीके से की जा रही है।
शिक्षकों का कहना है कि विषय निर्धारण के लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि सभी जिलों और ब्लॉकों में समान व्यवस्था लागू हो सके।
इंटर-BTC शिक्षकों की प्रमुख मांग
सबसे ज्यादा मांग इंटर-BTC शिक्षकों की Subject Mapping को लेकर सामने आ रही है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी मैपिंग स्नातक (Graduation) के विषयों के आधार पर नहीं, बल्कि इंटरमीडिएट में पढ़े गए विषयों के आधार पर की जानी चाहिए।
शिक्षकों का तर्क है कि उनकी नियुक्ति इंटरमीडिएट योग्यता के आधार पर हुई थी, इसलिए विषय निर्धारण में भी उसी योग्यता को आधार बनाया जाना चाहिए।
शिक्षकों ने विभाग से मांग की है कि—
सभी ब्लॉकों में Subject Mapping के लिए एक समान नीति लागू की जाए।
कॉमर्स, एग्रीकल्चर और इंटर-BTC शिक्षकों की मैपिंग के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएं।
विषय निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए।
विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
शिक्षकों का मानना है कि एक समान और न्यायपूर्ण Subject Mapping व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों में संतोष बढ़ेगा और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था भी बेहतर होगी। अब शिक्षकों की नजर विभाग की ओर से जारी होने वाले स्पष्ट दिशा-निर्देशों पर है।