Mausam Alert:- यूपी का मौसम फिर बदला, 5 जून तक आंधी-बारिश के आसार, हल्की बारिश
उत्तर प्रदेश में जून की शुरुआत इस बार कुछ अलग नजर आ रही है। जहां आमतौर पर जून के पहले सप्ताह में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करने लगती हैं, वहीं इस बार मौसम ने राहत भरा रुख अपनाया है। प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 2 जून से लेकर 5 जून तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आ रही है। इसके साथ ही सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ने के बजाय सामान्य से कम बना हुआ है। कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जो जून के महीने के हिसाब से काफी राहत देने वाला माना जा रहा है। मौसम के इस बदलाव का असर केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है।
कानपुर की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5.7 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री कम रहा। हल्की बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण लोगों को गर्मी का असर कम महसूस हुआ। तेज धूप न होने और 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने मौसम को और अधिक सुहावना बना दिया। नमी का स्तर भी काफी ऊंचा बना हुआ है, जिससे वातावरण में ठंडक बनी हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले कुछ दिनों से तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। यही वजह है कि लोगों को फिलहाल लू का सामना नहीं करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पूर्वी हवाएं नमी लेकर आती रहेंगी, तब तक तापमान में अचानक बढ़ोतरी की संभावना कम रहेगी। इसके अलावा राजस्थान में उठ रही धूल भरी आंधियों का असर भी उत्तर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है, जिससे अत्यधिक गर्मी की स्थिति बनने में देरी हो रही है।
देशभर में इस समय मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई राज्यों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में देश के विभिन्न हिस्सों में कई चक्रवाती परिसंचरण केंद्र सक्रिय हैं, जिनका असर लगातार मौसम पर दिखाई दे रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तापमान नियंत्रित बना हुआ है। उत्तर प्रदेश भी इसी प्रभाव का अनुभव कर रहा है।
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जून के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी कम हो सकती हैं, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 जून तक आंधी और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद 5 जून के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए यह मौसम राहत लेकर आ सकता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार फिलहाल लू पर पूरी तरह ब्रेक लगा हुआ है। पूर्वी हवाएं लगातार नमी ला रही हैं और जब तक इन हवाओं का असर रहेगा, तब तक तापमान तेजी से नहीं बढ़ेगा। वहीं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि आने वाले दिनों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश और तेज हवाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में स्थिति अलग हो सकती है। बांदा, हमीरपुर, झांसी, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंच सकता है। इन क्षेत्रों को मौसम विशेषज्ञ हीट डोम प्रभावित क्षेत्र मान रहे हैं। यहां गर्मी का असर अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है, लेकिन प्रदेश के अधिकांश जिलों में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की संभावना है।
किसानों के लिए भी यह मौसम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हल्की बारिश और नमी के कारण खेतों में नमी बनी रहेगी, जिससे खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। वहीं आम लोगों को भी तेज धूप और गर्म हवाओं से कुछ दिनों तक राहत मिलती रहेगी। मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप लोगों के लिए सुखद अनुभव लेकर आया है।