Income Tax Rules 2026 में हुए हैं फॉर्म से जुड़े 6 बड़े बदलाव, इनके बारे में हर टैक्सपेयर्स को होना चाहिए पता
Income Tax Rules 2026: फॉर्म से जुड़े 6 बड़े बदलाव
1 अप्रैल 2026 से लागू नए Income Tax Rules ने टैक्स फाइलिंग की भाषा और फॉर्म सिस्टम दोनों बदल दिए हैं। सबसे बड़ा असर सैलरीड कर्मचारियों, बैंक ग्राहकों, पेंशनर्स और ITR फाइल करने वालों पर पड़ेगा, क्योंकि कई पुराने फॉर्म अब नए नंबरों के साथ मिलेंगे।
सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, डिजिटल और एकरूप बनाना है, लेकिन शुरुआती दौर में पुराने और नए फॉर्म नंबरों को लेकर भ्रम हो सकता है। इसलिए हर टैक्सपेयर्स के लिए इन छह बड़े बदलावों को समझना जरूरी है।
1) Form 16 अब Form 130
सैलरी से जुड़ा सबसे अहम दस्तावेज Form 16 अब नए सिस्टम में Form 130 कहलाएगा। नौकरीपेशा लोगों को ITR भरते समय अपने salary TDS certificate का यह नया नंबर ध्यान में रखना होगा।
2) Form 16A अब Form 131
ब्याज, कमीशन, प्रोफेशनल पेमेंट या अन्य non-salary income पर TDS दिखाने वाला Form 16A अब Form 131 हो गया है। इससे बैंक, कंपनियां और deductors को अपनी reporting system अपडेट करनी होगी।
3) Form 26AS अब Form 168
टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट यानी Form 26AS अब Form 168 के नाम से मिलेगा। टैक्स फाइलिंग से पहले यही दस्तावेज बताता है कि आपके PAN पर कितना TDS कटा, कितना TCS जमा हुआ और क्या-क्या टैक्स क्रेडिट उपलब्ध है।
4) Form 15G और 15H मिलकर Form 121
जिन लोगों की टैक्स देनदारी नहीं बनती, वे पहले Form 15G या Form 15H भरते थे। नए नियमों में ये दोनों मिलकर Form 121 बन गए हैं, जिससे declaration process आसान हो गया है।
5) Form 12BB अब Form 124
सैलरीड कर्मचारियों के लिए deductions और exemptions declare करने वाला Form 12BB अब Form 124 हो गया है। इसमें HRA, निवेश, home loan interest और दूसरी छूटों से जुड़ी जानकारी नए नंबर में देनी होगी।
6) कई फॉर्म्स का consolidation
नए नियम सिर्फ renumbering तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई forms को consolidate भी किया गया है। उदाहरण के लिए कुछ audit और compliance forms को नए structure में बदला गया है, ताकि filing process कम जटिल और अधिक digital-friendly हो सके।
टैक्सपेयर्स पर असर
इन बदलावों का सबसे बड़ा असर payroll teams, HR departments, accountants और tax return filers पर पड़ेगा। पुराने template, software mapping और filing checklist को अपडेट करना जरूरी होगा, वरना गलत form number की वजह से confusion हो सकता है।
आम करदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ITR filing से पहले अपने salary certificate, tax credit statement और deduction declarations के नए form numbers को पहचान लें। इससे return filing के समय गलती, mismatch और delay की संभावना कम होगी।
टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लंबे समय में filing process को आसान बनाएंगे, लेकिन शुरुआत में पुराने और नए form numbers के बीच तालमेल बनाना जरूरी होगा। इसलिए करदाताओं को सलाह है कि वे return भरने से पहले अपने documents की जांच करें और updated format का इस्तेमाल करें।