यूपी के परिषदीय विद्यालयों में हर बच्चे की सीखने की प्रगति पर रहेगा जोर, शिक्षण के 10 मानक तय
लखनऊ। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के 10 नए मानक तय किए हैं। इससे हर बच्चे की सीखने की प्रगति पर नजर रखते हुए और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सोमवार को सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, सहज और सकारात्मक माहौल बनाया जाएगा, ताकि वे बिना किसी डर के सीख सकें। शिक्षकों को नियमित रूप से अभ्यास कार्य देना होगा, उसका मूल्यांकन करना होगा और बच्चों को उपयोगी सुझाव भी देने होंगे।
बच्चों की समझ और सीखने के स्तर का आकलन करने के लिए प्रश्नोत्तरी, गतिविधि आधारित मूल्यांकन, थम्ब्स-अप और थम्ब्स-डाउन जैसी विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष रूप शिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
वहीं, कक्षा स्तर के बच्चों को स्वतंत्र रूप से पढ़ने और लिखने के अधिक अवसर दिए जाएंगे। शिक्षकों को ऐसी पाठ योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनसे बच्चे अधिक समय तक सीखने की गतिविधियों में सक्रिय बने रहें।
पठन और मौखिक भाषा विकास के दौरान बच्चों से क्यों और कैसे जैसे खुले सवाल पूछे जाएंगे, ताकि उनकी सोचने और समझने की क्षमता बढ़े। बच्चों में स्वतंत्र लेखन को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यालयों में पुस्तकालय और रीडिंग कार्नर का नियमित उपयोग कराया जाएगा।