महंगी LPG के बीच सरकार का बड़ा तोहफा, 10.58 करोड़ परिवारों को ₹642 में सिलेंडर

महंगी LPG के बीच सरकार का बड़ा तोहफा, 10.58 करोड़ परिवारों को ₹642 में सिलेंडर

घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर अक्सर लोगों की चिंता बढ़ जाती है। खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हों और पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ हो। लेकिन इसी बीच भारत के करोड़ों गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई लागत और उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जा रही कीमत के बीच बड़ा अंतर है, जिसका सीधा लाभ आम परिवारों को मिल रहा है। खासतौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर लगभग ₹958 तक का फायदा मिल रहा है।

हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, जबकि इससे पहले इसकी कीमत ₹913 थी। मार्च महीने में भी सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए गए थे। हालांकि कीमतों में वृद्धि के बावजूद सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को अब भी सिलेंडर वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लागत ₹1,600 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आम उपभोक्ता इसे ₹942 में खरीद रहे हैं, यानी उन्हें लगभग ₹658 की राहत मिल रही है।

सबसे अधिक फायदा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी दी जा रही है। इसके चलते उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को सिलेंडर केवल ₹642 में मिल रहा है। यदि सप्लाई लागत की तुलना की जाए तो इन लाभार्थियों को लगभग ₹958 प्रति सिलेंडर का लाभ मिल रहा है। देशभर में 10.58 करोड़ से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। यही कारण है कि बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में एलपीजी की कीमत कई पड़ोसी और विकसित देशों की तुलना में काफी कम बनी हुई है। जहां भारत में घरेलू गैस सिलेंडर ₹942 में उपलब्ध है, वहीं पाकिस्तान में इसकी कीमत लगभग ₹1,046, नेपाल में ₹1,207, बांग्लादेश में ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 के आसपास है। विकसित देशों की बात करें तो अमेरिका में यही सिलेंडर लगभग ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 तक का पड़ता है। ऐसे में भारत की एलपीजी मूल्य व्यवस्था आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देती दिखाई देती है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाला ₹642 का सिलेंडर तो इन देशों की तुलना में और भी सस्ता साबित होता है।

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संभावित जोखिमों के बावजूद भारत में एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है। घरेलू एलपीजी उत्पादन को 32 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 52 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचाया गया है। इससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है। उपभोक्ताओं को फिलहाल गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं तो घरेलू गैस सिलेंडर के दाम हर महीने क्यों नहीं बढ़ते। इसका कारण सरकार की मूल्य नियंत्रण नीति है। होटल, रेस्तरां और उद्योगों में उपयोग होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से नियमित रूप से बदलते रहते हैं। लेकिन घरेलू रसोई गैस की कीमतों को सरकार नियंत्रित रखती है ताकि आम परिवारों पर महंगाई का असर कम से कम पड़े। यही वजह है कि वैश्विक कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत राहत मिलती रहती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो एलपीजी के लिए प्रमुख वैश्विक मानक माने जाने वाले सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में पिछले चार महीनों के दौरान भारी उछाल देखने को मिला है। फरवरी 2026 में यह कीमत 542.5 डॉलर प्रति टन थी, जो जून 2026 तक बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गई। यानी महज चार महीनों में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद भारत में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को नियंत्रित दरों पर सिलेंडर उपलब्ध कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल रहा है।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत के करोड़ों परिवारों को राहत मिल रही है। सामान्य उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर ₹658 तक और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लगभग ₹958 तक का फायदा मिल रहा है। ऐसे समय में जब महंगाई आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है, घरेलू गैस पर मिल रही यह राहत करोड़ों परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है। आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियां चाहे जैसी भी रहें, उपभोक्ताओं की उम्मीद यही रहेगी कि रसोई गैस की कीमतें आम आदमी की पहुंच में बनी रहें।

यह भी पढ़े।

कैशलेस हॉस्पिटल लिस्ट उत्तर प्रदेश, देखें अपने जिले का हॉस्पिटल

₹2.09 लाख सस्ती हुई चांदी, सिर्फ 5 दिनों में बदल गया पूरा खेल! सोने की कीमत में भी बड़ी गिरावट

बेसिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों , अनुदेशकों और रसोइयों आदि के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, यहाँ करें अप्लाई

3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम देकर मिलेगा कैशलेस चिकित्सा लाभ, जानिए क्यों ?

Leave a Comment