बुजुर्गों और निरक्षरों को पढ़ना-लिखना सिखाएंगे शिक्षक
इसको लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विशेष रूप से बुजुर्गों व निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाकर उन्हें दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाएगा। पहले चरण में असाक्षर लोगों की पहचान की जाएगी। इसके लिए शिक्षामित्रों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा। ये सभी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर सर्वे कर ऐसे निरक्षर लोगों की सूची तैयार करेंगे। अभियान के तहत चयनित लोगों को पढ़ने-लिखने व गणना की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। उन्हें अपना नाम लिखना, हस्ताक्षर करना, अंकों की पहचान करना और दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक जानकारियां सिखाई जाएंगी।
इसके साथ ही योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं व जरूरी दस्तावेजों को समझने योग्य बनाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी, जो अब तक शिक्षा से वंचित रहे हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए गांवों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्वयंसेवक व शिक्षक लोगों को साक्षर बनने के लाभ बताएंगे और उन्हें कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।