जनगणना 2027: प्रगणक (Enumerator) मास्टर बैनुअल

जनगणना 2027: प्रगणक (Enumerator) मास्टर बैनुअल

जनगणना 2027: प्रगणक (Enumerator) मास्टर मैनुअल – पूरी जानकारी

भारत में होने वाली जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। इसके लिए सरकार ने “Census 2027-HLO” ऐप लॉन्च किया है, जो प्रगणकों को फील्ड वर्क से लेकर डेटा सबमिशन तक हर चरण में मार्गदर्शन देगा। यह मैनुअल उसी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाता है।

1. तकनीकी नियम एवं ऐप सेटअप

जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए हर प्रगणक को मोबाइल ऐप का उपयोग करना अनिवार्य है। मोबाइल Android 11 या iOS 15 या उससे ऊपर का होना चाहिए। साथ ही कम से कम 4GB RAM और 8GB स्टोरेज जरूरी है।

ऐप में भाषा बदलने का विकल्प भी दिया गया है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार भाषा चुन सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें दर्ज की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है, इसलिए डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

2. नजरी नक्शा और भवन सूचीकरण

डेटा एंट्री से पहले फील्ड में जाकर काम करना बहुत जरूरी है। लगभग 70% सफलता सही फील्ड सर्वे पर निर्भर करती है।

काम की शुरुआत हमेशा उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा से करनी चाहिए। इसके बाद सर्पाकार (Earpen­tine) क्रम में आगे बढ़ते हुए सभी भवनों का सर्वे किया जाता है।

भवनों को चिन्हित करने के लिए अलग-अलग प्रतीकों का उपयोग होता है:

पक्का घर (आवासीय)

कच्चा घर

गैर-आवासीय भवन (X चिन्ह)

हर भवन को एक नंबर दिया जाता है, जिससे बाद में पहचान और डेटा एंट्री आसान हो जाती है।

3. प्रमुख डेटा एंट्री गाइड (Q1–Q16)

डेटा एंट्री के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखना होता है।

शुरुआती प्रश्नों (Q1–Q3) में लाइन नंबर ऑटोमैटिक होते हैं और जरूरत पड़ने पर “Repeat” बटन का उपयोग किया जाता है।

Q4–Q6 में मकान की संरचना की जानकारी सही तरीके से भरनी होती है। यहां अनुमान नहीं लगाना चाहिए, बल्कि वास्तविक स्थिति के आधार पर जानकारी देनी चाहिए।

Q7 सबसे महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें आवासीय स्थिति (पिछले 34 साल से रह रहे या नहीं) और “Locked” घरों की जानकारी दर्ज की जाती है।

Q8–Q13 में परिवार से जुड़ी जानकारी ली जाती है। अगर कोई व्यक्ति संस्थान (जैसे हॉस्टल) में रह रहा है, तो उसका पद (Designation) भी दर्ज करना होता है।

Q14–Q16 में यह देखा जाता है कि परिवार भारत में स्थायी रूप से रह रहा है या नहीं। दूरी और स्थान के आधार पर सही जानकारी भरना जरूरी है।

4. सुविधाएं एवं परिसंपत्तियां (Q17–Q34)

इस भाग में घर की सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी ली जाती है।

पीने के पानी के स्रोत (Q17–Q18) में 500 मीटर के अंदर उपलब्ध स्रोत को “पास” माना जाता है।

शौचालय (Q21) के प्रकार और उपयोग के आधार पर सही कोड भरना होता है।

ईंधन (Q25) में LPG गैस का उपयोग होने पर भी यह देखना जरूरी है कि मुख्य ईंधन कौन सा है। अगर लकड़ी ज्यादा इस्तेमाल होती है, तो उसे ही दर्ज किया जाएगा।

इसके अलावा टीवी, मोबाइल, वाहन जैसी संपत्तियों की जानकारी भी दर्ज की जाती है, चाहे उनका उपयोग किसी भी उद्देश्य से हो।

5. डेटा सिंक एवं सुरक्षा

जनगणना में डेटा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

अगर किसी डेटा में गलती हो जाती है, तो उसे एडिट करके सही किया जा सकता है।

हर 5–6 घरों के बाद डेटा सिंक करना जरूरी है, ताकि डेटा सुरक्षित बना रहे और खोने का खतरा न हो।

सारा डेटा भरने के बाद “Complete” बटन दबाकर प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि फील्ड में अपना मोबाइल किसी को न दें, ताकि डेटा सुरक्षित रहे।

6. जनगणना से जन कल्याण (6 चरण)

जनगणना की पूरी प्रक्रिया 6 चरणों में पूरी होती है:

लोगों से संपर्क

जानकारी की जांच

डेटा एंट्री

सत्यापन

डेटा अपलोड

अंतिम स्वीकृति

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