शिवलिंग पर पैर रखकर फोटो पोस्ट करने पर प्रधानाध्यापक निलंबित क्या है पूरा मामला
संतकबीरनगर। जिले के हैंसर ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय औराडांड़ के प्रधानाध्यापक अब्दुर्रहमान को सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई करते हुए मामले की विभागीय जांच भी शुरू करा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक पर आरोप है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक ऐसी तस्वीर साझा की, जिसमें वह शिवलिंग पर पैर रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बनी और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया। मामला सामने आने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में कहा गया कि हैंसर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय औराडांड़ में कार्यरत प्रधानाध्यापक अब्दुर्रहमान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी तस्वीर पोस्ट की है, जो हिंदू देवी-देवताओं के सम्मान के विरुद्ध मानी जा रही है। शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया मामला कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन का पाया गया।
बताया गया कि इस मामले में गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने भी तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर बेलघाट थाने में प्रधानाध्यापक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।
बीएसए के अनुसार, शिक्षक का यह कथित आचरण शासनादेश 17 जून 1976 तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित सेवा एवं आचरण नियमों के विपरीत माना गया है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका संबद्धीकरण बीआरसी हैंसर बाजार से किया गया है।

विभागीय स्तर पर मामले की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी खलीलाबाद को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत किसी भी शिक्षक या कर्मचारी द्वारा ऐसा कोई कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे सामाजिक सौहार्द, धार्मिक भावनाओं या विभाग की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस घटना के बाद जिले में शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों के बीच मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर जांच जारी है, और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।