ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार शिक्षक की मौत, दूसरा शिक्षक घायल

ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार शिक्षक की मौत, दूसरा शिक्षक घायल

बिहार के भभुआ थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। एक ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार प्रधानाध्यापक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दूसरा शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। एक शिक्षक की अचानक हुई मौत से परिवार और स्कूल से जुड़े लोगों में दुख की लहर फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, भभुआ थाना क्षेत्र के दतियांव मोड़ के पास बुधवार सुबह यह हादसा हुआ। मृतक शिक्षक की पहचान प्रधानाध्यापक लाल बाबू गोंड के रूप में हुई है। वह चैनपुर प्रखंड के बजडीहा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में कार्यरत थे। सुबह करीब 6 बजे वह अपनी बाइक से स्कूल जाने के लिए निकले थे। उनके साथ बाइक पर रोहतास निवासी शिक्षक वीरेंद्र कुमार भी बैठे हुए थे।

बताया जा रहा है कि भभुआ-चैनपुर मार्ग स्थित एनएच-219 पर दतियांव मोड़ के पास बाइक सवार शिक्षक आगे जा रहे ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर ट्रक की चपेट में आ गई। हादसा इतना गंभीर था कि प्रधानाध्यापक लाल बाबू गोंड की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर पीछे बैठे शिक्षक वीरेंद्र कुमार घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिक्षक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। इस घटना से मृतक शिक्षक के परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। उनकी पत्नी सरोज देवी भी शिक्षक हैं और सोनहन क्षेत्र के पिया गांव स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत हैं।

सड़क हादसे लगातार लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। खासकर सुबह के समय वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सोचने की जरूरत को सामने रखा है।

प्रधानाध्यापक लाल बाबू गोंड की मौत से शिक्षा जगत में भी दुख का माहौल है। एक शिक्षक का जाना केवल परिवार के लिए ही नहीं बल्कि उनके विद्यार्थियों और सहकर्मियों के लिए भी बड़ी क्षति है। उम्मीद है कि जांच के बाद हादसे के जिम्मेदार कारणों का पता लगाया जाएगा और सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।

यह भी पढ़े।

1 जुलाई 2026 से 60% DA के बाद कितना होगा वेतन? HRA, NPS और Non-NPS के अनुसार देखें नया Salary Chart

शिक्षकों के लिए बड़ी जानकारी: CL, EL, Medical Leave समेत 7 तरह के अवकाश के नियम जानिए

रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने पर मिलेगी 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी, बिजली बिल में होगी बड़ी बचत

Leave a Comment