जनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक के घर पहुंचा प्रशासन, नोटिस चस्पा, मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी
हमीरपुर। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जनगणना कार्य में लगे एक प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। तहसीलदार ने शिक्षक के आवास पर पहुंचकर नोटिस चस्पा कराया और निर्धारित समय में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। जवाब न देने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
मामला शहर के सैय्यद बाड़ा मोहल्ले निवासी बृजेंद्र कुमार अनुरागी से जुड़ा है। वह कुरारा विकासखंड के पतारा गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं। जनगणना कार्य के तहत उन्हें पतारा डांडा के एचएलबी संख्या-181 में प्रगणक की जिम्मेदारी दी गई थी।
प्रशासन के अनुसार, शिक्षक द्वारा जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा था। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन पर भी जवाब नहीं मिला। पर्यवेक्षक आनंद प्रकाश साहू की रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित प्रगणक नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं और 12 जून को दी गई रिपोर्ट में उनके काम को संदिग्ध बताया गया।
मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम को 13 जून को पतारा डांडा पहुंचकर कार्य की जांच करनी थी, लेकिन संबंधित शिक्षक मौके पर नहीं पहुंचे। अधिकारियों ने फोन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद तहसीलदार वीरपाल सिंह शनिवार को शिक्षक की तलाश में उनके आवास पहुंचे। शिक्षक वहां भी नहीं मिले, जिसके बाद उनके घर पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय में जवाब नहीं देने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक की तलाश में कई जगह पहुंचे अधिकारी
शिक्षक की तलाश के लिए तहसीलदार और अन्य अधिकारी जिला अस्पताल, खालेपुरा मोहल्ला समेत कई स्थानों पर पहुंचे। अधिकारियों ने मोबाइल लोकेशन के जरिए भी जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार देर शाम शिक्षक के आवास पर नोटिस चस्पा करना पड़ा।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना एक महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। वहीं अब शिक्षक के जवाब के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
यह भी पढ़े।
मुख्यमंत्री जी छुट्टी बढ़ा दीजिए! 1 जुलाई से खोले जाएं परिषदीय विद्यालय, गर्मी और जनगणना बनी वजह
नए सत्र से निपुण तालिका होगी अनिवार्य, शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
जनगणना कर्मियों का इंतजार खत्म! ₹25,000 मानदेय भुगतान को लेकर आया नया अपडेट