20 साल तक चला खेल खत्म: फर्जी मार्कशीट के सहारे नौकरी करने वाला हेडमास्टर बर्खास्त

20 साल तक चला खेल खत्म: फर्जी मार्कशीट के सहारे नौकरी करने वाला हेडमास्टर बर्खास्त

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक प्रधानाध्यापक ने कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट के सहारे करीब 20 साल तक नौकरी की—लेकिन अब सच सामने आ चुका है। यह मामला अब चर्चा में है और इसे लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
📌 क्या है पूरा मामला? (Latest Update)
बलिया के प्राथमिक विद्यालय नोनियापुरा (बाछापार), शिक्षा क्षेत्र पंदह में तैनात हेडमास्टर ध्रुवनाथ यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की थी।
शिकायतकर्ता दिनेश कुमार यादव ने इस मामले को उठाया और सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), आजमगढ़ को शपथ पत्र के साथ लिखित शिकायत दी। इसमें शैक्षणिक दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात कही गई।
🔍 जांच में क्या निकला? (Official Details)
जांच के दौरान जो सामने आया, वह काफी चौंकाने वाला था।
असली अंक: 445
विभाग में दिखाए गए अंक: 504
अंतर: 59 अंक
यानी साफ तौर पर अंक बढ़ाकर नौकरी पाने का प्रयास किया गया।
जब संबंधित कॉलेज—श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दादर आश्रम, सिकंदरपुर—से रिपोर्ट मांगी गई, तो वहां से भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई।
इतना ही नहीं, ये गलत जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर भी दर्ज पाई गई थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
⚖️ क्या हुई कार्रवाई? (Official Announcement)
जैसे ही जांच पूरी हुई, बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना देरी के कार्रवाई की।
हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया
अब तक मिले वेतन और भत्तों की वसूली के आदेश
संबंधित अधिकारी को FIR दर्ज कराने के निर्देश
विभाग ने साफ कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मिली नौकरी पूरी तरह अवैध मानी जाएगी।
📑 स्पष्टीकरण में भी नहीं बच पाए
ध्रुवनाथ यादव से जवाब मांगा गया था। लेकिन वे कोई ठोस या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
यही कारण रहा कि विभाग ने उनकी नियुक्ति को पूरी तरह निरस्त कर दिया।

🚨 आगे क्या होगा? (Important Guidelines)
इस पूरे मामले के बाद शिक्षा विभाग अब और सतर्क हो गया है।
भविष्य में दस्तावेजों की सख्त जांच होगी
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
फर्जी प्रमाणपत्र देने वालों पर कड़ी कार्रवाई
सरकार की ओर से यह संकेत साफ है कि अब ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

Leave a Comment