निपुण भारत मिशन:- यूपी के 32 हजार से ज्यादा स्कूल बने निपुण, मिलेगी यह सौगात, सम्मानित होंगे टीचर

निपुण भारत मिशन:- यूपी के 32 हजार से ज्यादा स्कूल बने निपुण, मिलेगी यह सौगात, सम्मानित होंगे टीचर

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुनियादी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए चलाए जा रहे ‘निपुण भारत मिशन’ के सकारात्मक परिणाम साझा कर रही है। ताजा आंकलन रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 32,480 प्राथमिक विद्यालयों को ‘निपुण’ घोषित किया गया है। इन विद्यालयों में छात्रों के सीखने की क्षमता और शिक्षकों के समर्पण को देखते हुए विभाग ने उन्हें विशेष सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।

डीएलएड प्रशिक्षुओं ने किया कड़ा आंकलन

बेसिक शिक्षा विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इस बार डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से विद्यालयों का भौतिक आंकलन कराया था। विशेष रूप से कक्षा एक और दो के छात्र-छात्राओं की भाषा और गणितीय दक्षता को परखा गया। इस आंकलन की रिपोर्ट ‘निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर’ के माध्यम से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA), खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और प्रधानाध्यापकों के लॉगिन पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई है।

 

शिक्षकों का सम्मान और 50-50 हजार की धनराशि

निपुण घोषित किए गए इन 32 हजार से अधिक विद्यालयों के लिए सरकार ने सौगातों का पिटारा खोल दिया है।

 

वित्तीय सहायता: प्रत्येक चयनित विद्यालय को बुनियादी सुविधाओं और शैक्षिक सामग्री के सुदृढ़ीकरण के लिए 50-50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

 

शिक्षकों का सम्मान: विभाग ने एक विशेष प्रोफार्मा जारी किया है, जिसके आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

 

विशेष पहचान: इन स्कूलों की अलग पहचान स्थापित करने के लिए विद्यालय परिसर में भव्य तरीके से ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो (Logo) पेंट कराया जाएगा।

 

संख्या में गिरावट, गुणवत्ता में सुधार

बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान प्रदेश के कुल 1,07,000 विद्यालयों का आंकलन किया गया था। हालांकि, इस बार निपुण विद्यालयों की संख्या पिछले वर्ष (लगभग 48 हजार) की तुलना में घटकर 32,480 रह गई है, लेकिन बच्चों की सीखने की ललक और वास्तविक क्षमता में गुणात्मक सुधार दर्ज किया गया है। विभाग का मानना है कि इस बार आंकलन के मानक अधिक कड़े रखे गए थे ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

 

अधिकारियों को सख्त निर्देश

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने परिणामों की समीक्षा करते हुए सभी डायट मेंटर्स, एसआरजी (SRG), एआरपी (ARP) और शिक्षक संकुल को निर्देशित किया है कि वे कम प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को गोद लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले शैक्षणिक सत्र तक अधिक से अधिक विद्यालयों को निपुण श्रेणी में लाने के लिए समर्पित भाव से काम करना होगा।

Leave a Comment