DA Arrears Announcement: सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, इस राज्य में 2009 से बकाया DA एरियर दिया जाएगा।
DA Arrears Announcement: पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों को रविवार को खुशखबरी मिली है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि राज्य कर्मचारियों का 2009 से बकाया महंगाई भत्ता (DA) एरियर दिया जाएगा।
चुनाव आयोग शाम चार बजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत पांच राज्यों की चुनावी तारीखों का ऐलान कर रहा है। इसके बाद से जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, वहां पर मोडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू हो जाएगा। ऐसे में राज्य सरकारें कोई नई घोषणाएं नहीं कर सकेंगी। एमसीसी लागू होने से ठीक पहले ममता बनर्जी ने महंगाई भत्ता एरियर देने समेत कई बड़े ऐलान किए।
ममता बनर्जी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी सरकार इस साल मार्च से अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों—जिनमें शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और अनुदान-प्राप्त संस्थानों के कर्मचारी शामिल हैं-के डीए (महंगाई भत्ता) के बकाया का भुगतान करेगी। बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में बताए गए तरीकों के अनुसार, उन्हें मार्च 2026 से ROPA 2009 के डीए बकाया मिलना शुरू हो जाएगा।”
यह बकाया ‘वेतन और भत्ते का संशोधन’ (ROPA) 2009 से संबंधित है। यह सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसमें शिक्षकों, नगर निगम और पंचायत कर्मचारियों, तथा अन्य अनुदान-प्राप्त संस्थानों के वेतन और भत्ते शामिल हैं। राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक वर्ग ने इस विवादित मुद्दे पर डीए बकाया के भुगतान की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत ने 31 मार्च 2026 तक कर्मचारियों को DA बकाया का 25 प्रतिशत जारी करने का आदेश दिया था।
इस बात पर जोर देते हुए कि राज्य को एक आदर्श नियोक्ता के रूप में काम करना चाहिए, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कर्मचारियों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए, शीर्ष अदालत ने एक समिति भी गठित की, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा, जस्टिस तिलक सिंह चौहान और जस्टिस गौतम माघुरिया ने की। इस समिति को 6 मार्च तक बकाया राशि की कुल रकम और भुगतान का एक निश्चित कार्यक्रम तय करने, तथा भुगतान प्रक्रिया की निगरानी करने का काम सौंपा गया है। अदालत द्वारा तय समय-सीमा के अनुसार, शेष 75 प्रतिशत राशि की पहली किस्त का भुगतान 31 मार्च तक कर दिया जाना चाहिए, और अगली सुनवाई की तारीख- यानी 15 अप्रैल- तक इस संबंध में एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए।