8th Pay Commission: सैलरी बढ़ने से पहले कर्मचारियों को बड़ा झटका, इस मामले पर सरकार का साफ इनकार!

8th Pay Commission: सैलरी बढ़ने से पहले कर्मचारियों को बड़ा झटका, इस मामले पर सरकार का साफ इनकार!

देशभर के लाखों कर्मचारियों की नजर इस समय 8th Pay Commission पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि नए वेतन आयोग से सैलरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने खासकर स्वायत्त संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों की उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है।
दरअसल, Rajya Sabha में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पति-पत्नी को एक ही शहर में पोस्टिंग देने से जुड़ी नीति को फिलहाल सभी संस्थानों तक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

राज्यसभा में सरकार का स्पष्ट जवाब
राज्यसभा में यह सवाल Manoj Kumar Jha ने उठाया था। इसके जवाब में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री Jitendra Singh ने सरकार की स्थिति साफ की।

उन्होंने बताया कि Department of Personnel and Training (DoPT) ने 30 सितंबर 2009 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत कोशिश की जाती है कि पति-पत्नी अगर सरकारी सेवा में हों तो उन्हें एक ही स्टेशन पर पोस्टिंग मिल सके।
हालांकि यह नियम मुख्य रूप से उन मामलों में लागू होता है, जहां दंपत्ति में से कम से कम एक व्यक्ति केंद्रीय सरकारी सेवा में कार्यरत हो।

ऑटोनॉमस संस्थानों के कर्मचारियों को फिलहाल राहत नहीं
सरकार ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि इस नीति को केंद्रीय वित्तपोषित स्वायत्त संस्थानों (Centrally Funded Autonomous Bodies) या अन्य वैधानिक संस्थाओं तक बढ़ाने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है।
सीधे शब्दों में कहें तो देशभर के सैकड़ों स्वायत्त संस्थानों में काम कर रहे हजारों कर्मचारी दंपत्तियों को अभी भी spouse posting policy का लाभ मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।

कर्मचारी संगठनों ने उठाए सवाल
सरकार के इस जवाब पर All India NPS Employees Federation ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Manjeet Singh Patel ने कहा कि
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्षों से केंद्रीय ऑटोनॉमस संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों को spouse basis पर एक ही स्टेशन पर पोस्टिंग की सुविधा नहीं मिल पाई है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब अलग-अलग कैडर जैसे Indian Administrative Service और Indian Police Service के अधिकारियों को spouse ground पर ट्रांसफर की सुविधा मिल सकती है, तो एक ही मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली अलग-अलग संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती।

कर्मचारियों की क्या है मुख्य मांग?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर सरकार One Nation से जुड़ी कई बड़ी नीतियां लागू कर सकती है, तो एक समान transfer policy बनाना भी संभव है।
उनकी मांग है कि भविष्य में बनने वाली नई नीतियों—खासतौर पर 8th Pay Commission details और कर्मचारी कल्याण से जुड़े फैसलों—में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाए।

संक्षेप में कहा जाए तो 8th Pay Commission को लेकर भले ही वेतन वृद्धि की उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन spouse posting policy के मामले में सरकार का रुख फिलहाल साफ है।
जब तक कोई नया प्रस्ताव या नीति सामने नहीं आती, तब तक स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी दंपत्तियों को एक ही शहर में पोस्टिंग की सुविधा मिलने की संभावना कम ही दिख रही है।
अगर भविष्य में इस विषय पर कोई नया अपडेट आता है, तो यह लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर हो सकती है।

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