शिक्षक 1995 से 2010 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य, जो 5 साल में होंगे रिटायर, उन्हें राहत

शिक्षक 1995 से 2010 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य, जो 5 साल में होंगे रिटायर, उन्हें राहत

कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों के (टीईटी) अनिवार्य है। मतलब, सरकारी स्कूलों में पदस्थ प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को टीईटी देना होगी। ऐसे में प्रदेश लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट सहित श्योपुर जिले के शिक्षकों में भी हड़कंप की स्थिति है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है। वहीं शिक्षक यह जानने में जुटे हैं कि उन्हें भी परीक्षा देना होगी या राहत मिल जाएगी।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों की जानकारी मांगी है। जिला शिक्षा अधिकारी यह जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इस दायरे में प्रमुख रूप से वे शिक्षक हैं जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 1995 से लेकर 1 अप्रैल 2010 के बीच हुई है। हालांकि उन शिक्षकों को राहत देने की बात कही जा रही है जिनका रिटायरमेंट 5 साल के भीतर होना है लेकिन परीक्षा देने की बात सामने आने के बाद से शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। शिक्षक संघ इसका लगातार विरोध भी कर रहे हैं।

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