स्कूलों पर भी गैस संकट का असर, बंद हो रहा बच्चों का खाना, पर सरकारी निर्देश क्या है
देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर पैदा हुआ संकट अब आम घरों से आगे बढ़कर स्कूलों तक पहुंच गया है। कई राज्यों से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि गैस की कमी के कारण स्कूली बच्चों को मिलने वाला खाना प्रभावित हो सकता है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो कई जगह मिड-डे मील या फूड सर्विस अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की सीमित उपलब्धता ने स्कूल प्रशासन और किचन संचालकों की चिंता बढ़ा दी है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई पर
मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेस्ट एशिया में जारी इस संघर्ष के कारण ईंधन की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
इसी बीच भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित रखने के निर्देश दिए हैं। इसका सीधा असर उन संस्थानों पर पड़ रहा है जहां बड़े पैमाने पर खाना बनता है—जैसे स्कूल, हॉस्टल और कैटरिंग सेवाएं।
दिल्ली-NCR के स्कूलों में फूड सर्विस पर असर
दिल्ली और गुरुग्राम के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक श्री राम स्कूल ने अभिभावकों को ईमेल के जरिए जानकारी दी है कि गैस की कमी के कारण स्कूल में मिलने वाली फूड सर्विस प्रभावित हो सकती है।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, उनके कैटरिंग पार्टनर ने बताया है कि पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। मौजूदा स्टॉक के आधार पर स्कूल में लंच और स्नैक्स की व्यवस्था सिर्फ 16 मार्च तक ही जारी रखी जा सकेगी। इसके बाद व्यवस्था जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
बिहार में पीएम पोषण योजना पर सवाल
गैस संकट का असर बिहार के सरकारी स्कूलों में चल रही पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस योजना के तहत बच्चों को स्कूल में पका हुआ भोजन दिया जाता है, जो लाखों छात्रों के लिए पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि स्कूलों की रसोई में एलपीजी उपलब्ध नहीं होगी, तो बच्चों के लिए भोजन कैसे तैयार किया जाएगा। हालांकि फिलहाल इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या निर्देश जारी नहीं किया गया है।
क्या कहते हैं सरकारी निर्देश?
अभी तक केंद्र या राज्य सरकारों की ओर से स्कूलों में मिड-डे मील बंद करने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि गैस सप्लाई सामान्य होती है या स्कूलों को किसी अन्य ईंधन या व्यवस्था के जरिए भोजन तैयार करना पड़ेगा।