UP Weather Update: यूपी में 15 मार्च को होगी सीजन की पहली बारिश, मौसम विभाग ने इन जिलों में जारी किया अलर्ट

UP Weather Update: यूपी में 15 मार्च को होगी सीजन की पहली बारिश, मौसम विभाग ने इन जिलों में जारी किया अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर तेज़ होने लगा है। दोपहर के समय धूप इतनी तेज़ महसूस हो रही है कि लोग अभी से मई-जून जैसी तपिश की बात करने लगे हैं। लेकिन इसी बीच मौसम से जुड़ी latest update थोड़ी राहत देने वाली है। मौसम विभाग के official details के अनुसार, 15 मार्च के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में इस सीजन की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।

बताया जा रहा है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम के मिजाज में बदलाव आएगा, जिससे तापमान में हल्की गिरावट भी संभव है।

अगले 3–4 दिन और बढ़ेगी गर्मी

फिलहाल मौसम विभाग का कहना है कि इस हफ्ते के शुरुआती दिनों में कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

आने वाले 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान करीब 2°C तक और बढ़ सकता है। खासकर पूर्वांचल को छोड़कर राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4°C से 8°C अधिक रहने की संभावना है।

इसका मतलब साफ है कि दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर अभी कुछ दिन और झेलना पड़ सकता है।

14 मार्च से बदलने लगेगा मौसम

मौसम विभाग की latest update के मुताबिक, 14 मार्च के आसपास तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है। इसके अगले दिन यानी 15 मार्च को हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं।

अगर पश्चिमी विक्षोभ मजबूत रहा तो बादल छाने के साथ कई जगहों पर बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इन इलाकों में बारिश की अधिक संभावना

मौसम विभाग के अनुमान और भौगोलिक स्थिति के आधार पर कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।

तराई बेल्ट के जिले

लखीमपुर खीरी

बहराइच

श्रावस्ती

बलरामपुर

सिद्धार्थनगर

महाराजगंज

कुशीनगर

पूर्वांचल के कुछ हिस्से

गोरखपुर

देवरिया

बलिया

गाजीपुर

वाराणसी और आसपास के क्षेत्र

इन इलाकों में 15 मार्च के आसपास बादल छाने और हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अभी जो official forecast जारी किया गया है वह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर निर्भर करता है। अगर यह सिस्टम मजबूत हुआ तो बारिश का दायरा और बढ़ सकता है, जबकि कमजोर रहने पर सिर्फ हल्के बादल और बूंदाबांदी ही देखने को मिलेगी।

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