विदाई समारोह में मचा बवाल: छात्राओं संग डांस का वीडियो वायरल, हेडमास्टर सस्पेंड, दो शिक्षकों पर गिरी गाज
झारखंड के गढ़वा जिले से एक सरकारी स्कूल का मामला इन दिनों चर्चा में है। यहां एक स्कूल का विदाई समारोह उस समय विवादों में आ गया जब कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, मामले में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना गढ़वा जिले के मेराल क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहबरिया की बताई जा रही है, जहां कक्षा आठ के विद्यार्थियों के लिए विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आमतौर पर ऐसे समारोह छात्रों के लिए यादगार पल होते हैं, लेकिन इस बार कार्यक्रम की तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई।
स्कूल परिसर में डीजे और डांस का वीडियो हुआ वायरल
बताया जा रहा है कि विदाई समारोह के दौरान स्कूल परिसर में डीजे लगाया गया और तेज आवाज में गाने बजाए गए। इसी दौरान कुछ शिक्षक और छात्राएं डांस करते दिखाई दिए। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
जैसे ही वीडियो प्रशासन और शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया, तुरंत जांच के आदेश दिए गए। जांच में यह सामने आया कि कार्यक्रम के दौरान ऐसे गाने बजाए गए जिन्हें स्कूल के वातावरण के लिहाज से उचित नहीं माना गया। साथ ही कुछ शिक्षकों का आचरण भी शिक्षक की मर्यादा के अनुरूप नहीं पाया गया।
जांच के बाद हेडमास्टर पर बड़ी कार्रवाई
मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने आधिकारिक घोषणा करते हुए सख्त कार्रवाई की। ऑफिशियल डिटेल्स के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकारी नियमों के तहत यह कार्रवाई झारखंड सरकारी सेवक नियमावली 2016 के प्रावधानों के अनुसार की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गढ़वा निर्धारित किया गया है।
इंपोर्टेंट गाइडलाइंस के तहत उन्हें निलंबन अवधि में मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही नियमों के अनुसार उन्हें इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
दो शिक्षकों पर भी गिरी गाज
इस पूरे मामले में दो अन्य शिक्षकों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जांच में पाया गया कि सहायक शिक्षक पुरुषोत्तम पंडित और सुबेश्वर राम का आचरण भी शिक्षक आचार संहिता के अनुरूप नहीं था।
इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने झारखंड सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली 2021 के तहत दोनों शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग ने उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दो दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधीक्षक और झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय को भेजी जाए।
शिक्षा विभाग की सख्त चेतावनी
मामले के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं बल्कि बच्चों के संस्कार और अनुशासन का केंद्र भी होते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है कि सभी विद्यालयों में सकारात्मक और शिक्षण के अनुकूल वातावरण बना रहे। यदि कोई शिक्षक अपने पद की मर्यादा के खिलाफ आचरण करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।