सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, सोना 7600 और चांदी 27,700 रुपये सस्ती
सर्राफा बाजार से जुड़ी latest update के मुताबिक गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी के बाजार में निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण दोनों कीमती धातुओं के भाव अचानक नीचे आ गए। बाजार के जानकारों के अनुसार हाल के दिनों में कीमतों में आई तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक करना बेहतर समझा, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दिया।
सोने की कीमत में बड़ी गिरावट
Official details के अनुसार गुरुवार को सोने की कीमत में लगभग 7,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से सोने के दाम लगातार ऊंचाई पर बने हुए थे, इसलिए निवेशकों ने इस मौके पर मुनाफावसूली की। यही वजह रही कि बाजार खुलते ही कीमतों में नरमी देखने को मिली।
आमतौर पर जब सोने के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तो निवेशक सही समय देखकर अपने निवेश से लाभ निकाल लेते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ और बाजार में बिकवाली बढ़ने से सोने की कीमतों पर दबाव बन गया।
चांदी में 9 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को चांदी के भाव में 27,700 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी कमी आई। इसके बाद चांदी का भाव गिरकर करीब 2,72,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
प्रतिशत के हिसाब से देखें तो चांदी में करीब 9.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो एक ही दिन में काफी बड़ी मानी जाती है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में उतार-चढ़ाव सोने के मुकाबले थोड़ा ज्यादा तेज होता है, इसलिए ऐसी गिरावट कभी-कभी अचानक देखने को मिल जाती है।
होली की वजह से दो दिन बंद रहा बाजार
इस बीच important guidelines के तहत होली के त्योहार के कारण सर्राफा बाजार मंगलवार और बुधवार को बंद रहा। बाजार खुलने के बाद गुरुवार को एक साथ ट्रेडिंग शुरू हुई, जिससे कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
त्योहारों के समय अक्सर बाजार में कारोबार कम रहता है और जब बाजार दोबारा खुलता है तो मांग-आपूर्ति के आधार पर कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव दिखाई दे सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों में हल्की अस्थिरता बनी रह सकती है। कई निवेशक इसे खरीदारी का मौका भी मानते हैं, जबकि कुछ लोग आगे की स्थिति साफ होने का इंतजार करते हैं।
जो लोग लंबे समय के निवेश के बारे में सोचते हैं, उनके लिए ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य माने जाते हैं। इसलिए निवेश से पहले बाजार की स्थिति, official announcement और आर्थिक संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होता है।