चांदी का भाव आज 4 मार्च 2026: रेट में फिर उछाल, जानें अपने शहर का लेटेस्ट अपडेट
होली से पहले सर्राफा बाजार में फिर हलचल तेज हो गई है। 4 मार्च 2026 की सुबह चांदी के दामों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और निवेशकों के सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर रुख करने से कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अगर आप चांदी के गहने खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह latest update आपके लिए जरूरी है।
MCX पर चांदी का ताजा भाव
बाजार खुलते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में करीब 1.35% की तेजी दर्ज की गई। कीमत बढ़कर लगभग ₹2,68,911 प्रति किलो पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह करीब ₹2,58,475 पर बंद हुई थी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 29 जनवरी को चांदी का वायदा भाव अपने ऑल टाइम हाई ₹4,20,048 प्रति किलो तक पहुंच चुका है। यानी बाजार अभी भी ऊंचे स्तरों के आसपास ही घूम रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हाल
विदेशी बाजारों में भी चांदी मजबूत दिखी।
स्पॉट सिल्वर करीब 90.56 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची।
COMEX पर चांदी का भाव 91.61 डॉलर प्रति औंस के आसपास दर्ज किया गया।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कीमतों में अंतर भी दिखा है। यही कारण है कि निवेश से पहले official details और लाइव रेट चेक करना जरूरी हो जाता है।
IBJA और सर्राफा बाजार के रेट
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार बुधवार सुबह तक चांदी करीब ₹2,89,848 प्रति किलो दर्ज की गई।
वहीं, ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक पिछले कारोबारी दिन दिल्ली बाजार में चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख किया, जिससे कीमत लगभग ₹3,00,000 प्रति किलो (टैक्स सहित) तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर में करीब 1.43% की तेजी देखी गई।
वायदा बाजार में हलचल
MCX पर मई डिलीवरी वाली चांदी में पिछले सत्र में करीब ₹10,508 की तेजी आई और भाव लगभग ₹2,93,152 प्रति किलो पहुंच गया।
COMEX में भी मई डिलीवरी के लिए चांदी करीब 97.30 डॉलर प्रति औंस तक उछली।
स्पष्ट है कि फ्यूचर मार्केट में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी हुई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर बुलियन मार्केट पर पड़ रहा है।
HDFC Securities के कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अस्थिरता बढ़ने पर निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं। इससे कीमतों में तेजी स्वाभाविक है।
Motilal Oswal Financial Services के जिंस विशेषज्ञों का कहना है कि वायदा बाजार में बढ़ती खरीदारी से संकेत मिलता है कि ट्रेडर्स शॉर्ट टर्म में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
वहीं LKP Securities के रिसर्च विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े—जैसे PMI, रोजगार डेटा और बेरोजगारी दर—की वजह से बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
क्यों बढ़ती है चांदी की मांग?
जब भी दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है—चाहे वह युद्ध की आशंका हो, व्यापार मार्गों में बाधा हो या ऊर्जा संकट—निवेशक ऐसे एसेट्स चुनते हैं जो अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं।
जैसे आम लोग मुश्किल वक्त में नकदी या सोना संभाल कर रखते हैं, वैसे ही बड़े निवेशक बुलियन में पैसा लगाते हैं। यही वजह है कि geopolitical tension का सीधा असर चांदी की कीमतों पर दिखता है।
खरीदने से पहले ध्यान रखें ये Important Guidelines
हमेशा अपने शहर का लेटेस्ट रेट चेक करें।
IBJA या विश्वसनीय ज्वैलर्स से official announcement और रेट कन्फर्म करें।
निवेश के लिए वायदा बाजार में एंट्री लेने से पहले eligibility और risk factor समझें।
ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं तो online process और पेमेंट सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।
टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ सकते हैं।
क्या अभी निवेश करना सही रहेगा?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है। फिलहाल बाजार में तेजी है, लेकिन उतार-चढ़ाव भी उतना ही तेज है। ऐसे में विशेषज्ञ शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहने और लॉन्ग टर्म निवेशकों को चरणबद्ध निवेश (Systematic Buying) की सलाह दे रहे हैं।
सरकार की ओर से फिलहाल बुलियन पर कोई नया government benefits या विशेष राहत की official details सामने नहीं आई हैं, लेकिन टैक्स और आयात शुल्क में बदलाव भविष्य में कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।