केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: (CGHS) इलाज की सीमा बढ़कर 10 लाख रुपये

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: (CGHS) इलाज की सीमा बढ़कर 10 लाख रुपये

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अहम latest update सामने आया है। अब वे Central Government Health Scheme (CGHS) के तहत 10 लाख रुपये तक का इलाज करा सकेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गंभीर बीमारियों के इलाज की अधिकतम स्वीकृति राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है। यह फैसला लंबे समय बाद लिया गया है और इसे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या बदला है? समझिए official details

अब तक विभाग प्रमुख (Head of Department) के पास 5 लाख रुपये तक के इलाज को मंजूरी देने का अधिकार था। यह व्यवस्था करीब एक दशक से लागू थी। वर्ष 2016 में मंत्रालय ने दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक की स्वीकृति का अधिकार दिया था।

अब जारी किए गए नए official announcement के अनुसार, विभाग प्रमुख 10 लाख रुपये तक के इलाज को स्वीकृति दे सकेंगे। अगर किसी मरीज के इलाज पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च आता है, तो उसके लिए केंद्र सरकार द्वारा नामित उच्च अधिकारी से विशेष अनुमति लेनी होगी।

यह आदेश केंद्र सरकार की अनु सचिव हेमलता सिंह की ओर से सभी विभागों को भेजा गया है, जिससे प्रक्रिया को औपचारिक रूप से लागू किया जा सके।

क्यों जरूरी था यह फैसला?

बीते कुछ वर्षों में बड़े अस्पतालों में इलाज का खर्च काफी बढ़ा है। खासकर कैंसर, हार्ट सर्जरी या अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में 5 लाख रुपये की सीमा कई बार पर्याप्त नहीं होती थी।

CGHS के तहत पंजीकृत वेलनेस सेंटर अक्सर गंभीर मरीजों को बड़े पैनल अस्पतालों में रेफर करते हैं। वहां इलाज का बिल पहले की सीमा से अधिक हो जाता था, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय दबाव झेलना पड़ता था। नई सीमा बढ़ने से अब उन्हें समय पर और बेहतर उपचार मिल सकेगा।

किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility)

यह सुविधा केवल केंद्र सरकार के कार्यरत कर्मचारियों के लिए लागू की गई है। फिलहाल पेंशनर्स या अन्य श्रेणियों के लिए इस आदेश में अलग से कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है।

जो कर्मचारी CGHS योजना के तहत पंजीकृत हैं, वे इस बढ़ी हुई सीमा का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम सीधे तौर पर उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जिन्हें गंभीर बीमारी के दौरान महंगे अस्पतालों में इलाज की जरूरत पड़ती है।

क्या है प्रक्रिया? (Important Guidelines & Online Process)

इलाज की स्वीकृति पहले की तरह विभागीय स्तर पर ही दी जाएगी।

10 लाख रुपये तक का खर्च: विभाग प्रमुख की मंजूरी पर्याप्त होगी।

10 लाख से अधिक खर्च: केंद्र सरकार द्वारा नामित अधिकारी से अतिरिक्त अनुमति आवश्यक होगी।

आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया विभागीय नियमों के अनुसार ही चलेगी। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि इलाज से पहले संबंधित कार्यालय से important guidelines और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

सरकारी सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। कई बार अचानक आई बीमारी पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर देती है। ऐसे में यह निर्णय एक तरह से government benefits को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इलाज की बढ़ी हुई सीमा से कर्मचारियों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि वे बिना अतिरिक्त तनाव के बेहतर अस्पतालों में उपचार करा सकेंगे।

निष्कर्ष

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का यह निर्णय समय की जरूरत के अनुसार लिया गया कदम है। बढ़ती चिकित्सा लागत को देखते हुए इलाज की सीमा को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करना कर्मचारियों के हित में अहम फैसला है।

अब CGHS से जुड़े केंद्रीय कर्मचारी गंभीर बीमारियों में अधिक आर्थिक सुरक्षा के साथ इलाज करा सकेंगे। आने वाले समय में यदि अन्य श्रेणियों के लिए भी इसी तरह के बदलाव किए जाते हैं, तो यह व्यवस्था और अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।

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