8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की लखनऊ में बड़ी बैठक, कर्मचारियों की मांगों पर होगी चर्चा

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की लखनऊ में बड़ी बैठक, कर्मचारियों की मांगों पर होगी चर्चा

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग की महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में होने जा रही है। इस बैठक को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी तरह की बैठकों के माध्यम से आयोग अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को समझने की कोशिश कर रहा है।

8वें वित्त आयोग की जानकारी के अनुसार लखनऊ में यह बैठक 22 और 23 जून को आयोजित की जाएगी। इसकी तारीखों की जानकारी पहले ही जारी कर दी गई थी। आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठकें कर रहा है, ताकि कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके संगठनों से सीधे बातचीत की जा सके। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की जरूरतों, वेतन से जुड़ी मांगों और भविष्य की व्यवस्था को समझना है।

8वें वेतन आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी

8वें वेतन आयोग की बैठकें केवल लखनऊ तक सीमित नहीं हैं। आयोग देश के कई राज्यों और शहरों में जाकर अलग-अलग संगठनों से चर्चा कर रहा है। इससे पहले 13 और 14 मई को दिल्ली में बैठक हो चुकी है। इसके बाद 22 और 23 जून को लखनऊ में बैठक होगी। वहीं जुलाई में भी कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं।

जानकारी के मुताबिक 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में बैठक होगी, जबकि 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में आयोग के सदस्य बैठक करेंगे। इन बैठकों के जरिए आयोग अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों की राय जान रहा है, ताकि वेतन और पेंशन से जुड़े मुद्दों को रिपोर्ट तैयार करते समय शामिल किया जा सके।

फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की नजर

8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर को बेहतर रखा जाए, जिससे बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सके। हालांकि अभी तक आयोग की ओर से फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है

फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक पे पर पड़ता है। जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी ही ज्यादा वेतन वृद्धि की संभावना होती है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।

अगर पिछले वेतन आयोगों को देखें तो 6वें वेतन आयोग में 1.86 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की गई थी। इसके बाद 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर तय किया गया था। इसके लागू होने के बाद न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये तक पहुंच गई थी।

इस बार कई कर्मचारी संगठन 3 से 4 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या सुझाव देता है।

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और कर्मचारियों को मिलने वाला लाभ

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि आयोग की रिपोर्ट तैयार होने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई वेतन व्यवस्था लागू होगी।

फिलहाल कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के आधार पर ही वेतन मिल रहा है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन में बदलाव के साथ एरियर का भुगतान भी किया जा सकता है। यानी लागू होने की तारीख से कर्मचारियों को बढ़ी हुई राशि का एकमुश्त भुगतान मिलने की संभावना रहेगी।

कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। लखनऊ समेत देशभर में हो रही बैठकों से यह उम्मीद बढ़ी है कि कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। अब सभी की नजर आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उसमें शामिल होने वाली सिफारिशों पर बनी हुई है।

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