72 हजार शिक्षक भर्ती के शिक्षकों में प्रमोशन को लेकर नाराजगी, 11 साल बाद भी पदोन्नति का इंतजार

72 हजार शिक्षक भर्ती के शिक्षकों में प्रमोशन को लेकर नाराजगी, 11 साल बाद भी पदोन्नति का इंतजार

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की 72,825 शिक्षक भर्ती से नियुक्त शिक्षकों में पदोन्नति (Promotion) को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के 11 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत रहने के कारण कई शिक्षकों में निराशा देखने को मिल रही है।

शिक्षकों से जुड़े संगठनों का कहना है कि सेवा के इतने वर्षों बाद भी कैरियर उन्नयन का रास्ता साफ नहीं हो सका है। उनका तर्क है कि अन्य शिक्षक भर्तियों में अपेक्षाकृत कम समय में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन 72 हजार शिक्षक भर्ती के शिक्षकों को अब तक इसका इंतजार करना पड़ रहा है।

2004 बैच के शिक्षकों का दिया जा रहा उदाहरण

पदोन्नति की मांग कर रहे शिक्षक पुराने बैच के शिक्षकों का उदाहरण दे रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2004 बैच के शिक्षकों को नियुक्ति के लगभग पांच वर्ष बाद पदोन्नति का अवसर मिल गया था।

शिक्षकों के अनुसार 30 दिसंबर 2005 को नियुक्त हुए शिक्षकों को लगभग 30 दिसंबर 2010 तक पदोन्नति मिल चुकी थी। वहीं 72 हजार शिक्षक भर्ती से नियुक्त कई शिक्षक 11 वर्ष से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

आर्थिक और कैरियर प्रगति पर असर

शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और सेवा प्रगति दोनों प्रभावित हो रही हैं। उनका मानना है कि विभाग में कई पद खाली होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से रुकी हुई प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाना चाहिए, जिससे वरिष्ठ और योग्य शिक्षकों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उनका कहना है कि समय पर पदोन्नति मिलने से शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ेगा और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक माहौल बनाने में मदद मिलेगी।

शिक्षकों ने उठाई ये प्रमुख मांगें

लंबित पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति सूची जारी की जाए।

प्रधानाध्यापक और अन्य खाली पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए।

शिक्षकों के लिए समयबद्ध कैरियर उन्नयन नीति बनाई जाए।

पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए।

फिलहाल पदोन्नति को लेकर शिक्षकों की उम्मीदें शिक्षा विभाग और शासन के फैसले पर टिकी हुई हैं। शिक्षकों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

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