यूपी के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत: एरियर भुगतान की व्यवस्था बदली, अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी लेटेस्ट अपडेट सामने आई है। लंबे समय से एरियर भुगतान को लेकर चली आ रही परेशानियों पर अब शासन ने सीधे तौर पर लगाम लगा दी है।
क्या है नई सरकारी व्यवस्था?
अब एरियर भुगतान के लिए फाइलें लखनऊ या शासन स्तर पर अटकेंगी नहीं। सरकार ने अधिकारों का विकेंद्रीकरण करते हुए अधिकारियों को उनके स्तर पर भुगतान की अनुमति दे दी है:
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS): ₹2 लाख तक
संयुक्त शिक्षा निदेशक (JD): ₹4 लाख तक
अपर शिक्षा निदेशक (AD): ₹8 लाख तक
माध्यमिक शिक्षा निदेशक: ₹8 लाख या उससे अधिक
इन मामलों में अब केवल भुगतान की official details शासन को सूचना के रूप में भेजनी होंगी, अलग से स्वीकृति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
अब तक एरियर भुगतान की प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि फाइलें महीनों तक एक टेबल से दूसरी टेबल घूमती रहती थीं। कई मामलों में फाइलें गुम हो जाती थीं और शिक्षक-कर्मचारी बार-बार विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर होते थे। इसी समस्या को देखते हुए अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा यह official announcement जारी किया गया है।
किन भुगतानों में मिलेगी राहत?
नई व्यवस्था से शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इन लंबित एरियर मामलों में सीधा लाभ मिलेगा:
महंगाई भत्ता (DA Arrear)
चयन वेतनमान
एससीपी (SCP)
उपार्जित अवकाश का नकदीकरण
अन्य स्वीकृत एरियर
कितने लोगों को होगा फायदा?
इस फैसले से प्रदेश के करीब 61,000 शिक्षक और 10,800 शिक्षणेत्तर कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। शिक्षक संगठनों का मानना है कि यह निर्णय जमीनी स्तर पर बड़ी राहत देगा और वर्षों से अटके भुगतान अब तेजी से निपटाए जा सकेंगे।
कोर्ट-कचहरी से भी मिलेगी निजात
एरियर भुगतान में देरी के कारण अब तक कई शिक्षक कोर्ट जाने को मजबूर होते थे। अधिकारियों की लापरवाही पर अवमानना के नोटिस तक जारी होते रहे हैं। नई पारदर्शी व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों में कमी आएगी और विभागीय जवाबदेही भी तय होगी।
निष्कर्ष
यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों के सम्मान और समय की कद्र का संकेत है। यदि यह व्यवस्था सही ढंग से लागू होती है, तो एरियर भुगतान अब समस्या नहीं, बल्कि एक सरल और समयबद्ध प्रक्रिया बन जाएगी। यह निश्चित रूप से यूपी के शिक्षकों के लिए एक बड़ा सरकारी लाभ माना जाएगा।