यूपी के 47 हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर सख्ती, वेतन रोका जाएगा और विभागीय कार्रवाई तय
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय सीमा के बावजूद संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले 47,816 राज्य कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया है। इनका फरवरी माह का वेतन रोका जाएगा, साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वर्ष 2025 में अर्जित चल-अचल संपत्तियों का विवरण सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से देना होगा। यह जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करनी थी।
इसके बावजूद हजारों कर्मचारियों ने तय समय तक विवरण अपलोड नहीं किया, जिसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया।
मुख्य सचिव का स्पष्ट आदेश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी करते हुए सभी विभागाध्यक्षों को साफ निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों ने निर्धारित तिथि तक संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनका फरवरी का वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में फिलहाल करीब 8,64,390 राज्य कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ने समय पर नियमों का पालन किया, लेकिन लापरवाही बरतने वालों पर अब कार्रवाई तय है।
डीडीओ पर भी होगी कार्रवाई
इस आदेश में सिर्फ कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
यदि किसी ऐसे कर्मचारी का वेतन जारी हुआ है, जिसने संपत्ति विवरण नहीं दिया था, तो संबंधित डीडीओ के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे एक सप्ताह के भीतर यह रिपोर्ट शासन को भेजें कि किन मामलों में लापरवाही हुई है।
कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय
जो कर्मचारी तय समय सीमा तक ऑनलाइन प्रोसेस के जरिए संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं कर पाए हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सरकार का साफ संदेश
सरकार का मानना है कि संपत्ति विवरण जैसे नियम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रशासन की बुनियाद हैं। समय पर जानकारी देने वाले कर्मचारियों को जहां कोई परेशानी नहीं होगी, वहीं नियम तोड़ने वालों को अब परिणाम भुगतने होंगे।
निष्कर्ष
यह official announcement साफ संकेत देता है कि योगी सरकार अब नियमों के पालन में कोई ढील नहीं देने वाली। कर्मचारियों के लिए यह एक अहम latest update है—अगर अभी भी संपत्ति का विवरण बाकी है, तो जल्द से जल्द मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना ही समझदारी होगी, ताकि आगे किसी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।