यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: शिक्षकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी, नई दरें इसी सत्र से लागू
परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा कार्य से जुड़े पारिश्रमिक में फिर से बढ़ोतरी की है। यह latest update सीधे मौजूदा परीक्षा सत्र से लागू कर दी गई है, यानी इस बार ड्यूटी करने वालों को नई दरों का लाभ मिलेगा।
शिक्षक संगठनों की लगातार मांग के बाद पहले अक्टूबर में संशोधन हुआ था और अब फरवरी 2026 में एक और official announcement जारी किया गया है। छोटे-छोटे बढ़े हुए मानदेय का असर तब साफ दिखता है, जब पूरे परीक्षा सत्र का हिसाब जोड़ा जाता है।
क्या बदली हैं नई दरें? (Official Details)
इस बार अलग-अलग मदों में 2 से 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है। हालांकि रकम सुनने में मामूली लग सकती है, लेकिन परीक्षा अवधि में कई पालियों और कॉपियों की जांच के साथ यह राशि ठीक-ठाक बन जाती है।
परीक्षा केंद्रों के लिए
प्रति पाली व्यय मद: ₹80 से बढ़ाकर ₹100
अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक: ₹53 से बढ़ाकर ₹60 प्रति पाली
कक्ष निरीक्षक: ₹96 से बढ़ाकर ₹100 प्रति पाली
लिपिक: ₹40 प्रति पाली
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: ₹30 प्रति पाली
अक्सर कक्ष निरीक्षक और स्टाफ सुबह से शाम तक लगातार ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे में यह संशोधन उनके प्रयासों की आंशिक भरपाई जैसा है।
संकलन और जांच केंद्रों के लिए नई व्यवस्था
संकलन केंद्र व्यय: ₹75 प्रतिदिन, अधिकतम देयक ₹1789 तक
जांच केंद्र के मुख्य नियंत्रक: ₹8 प्रति परीक्षक
कक्ष नियंत्रक: ₹75 प्रतिदिन मानदेय
प्रति परीक्षक जलपान व्यय: ₹25
कॉपी जांच का काम जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा मेहनत मांगता है। ऐसे में प्रति परीक्षक मिलने वाला अतिरिक्त मानदेय सीधा फायदा देता है।

कॉपी जांच का पारिश्रमिक (Eligibility के अनुसार)
हाईस्कूल उत्तर पुस्तिका: ₹14 प्रति कॉपी
इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिका: ₹15 प्रति कॉपी
महिला एवं स्थानीय परीक्षक: ₹35 वाहन भाड़ा
यहाँ eligibility वही रहेगी जो बोर्ड की आधिकारिक पात्रता शर्तों में तय है। संबंधित शिक्षकों को निर्धारित मानकों के आधार पर ही जांच कार्य सौंपा जाएगा।
जिले में कितने केंद्रों को मिलेगा लाभ?
जिले में इस समय 112 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को इस संशोधित व्यवस्था का लाभ मिलेगा। यह बढ़ोतरी किसी अलग आवेदन या online process के बिना सीधे भुगतान में शामिल की जाएगी।
Important Guidelines
संशोधित दरें वर्तमान सत्र से प्रभावी हैं।
भुगतान बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुसार होगा।
पात्रता और ड्यूटी आवंटन बोर्ड के आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर आधारित रहेगा।
यह निर्णय सभी संबंधित कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
क्यों मायने रखती है यह बढ़ोतरी?
सरकारी परीक्षाओं का संचालन सिर्फ व्यवस्था नहीं, जिम्मेदारी भी है। समयबद्ध ड्यूटी, पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में यह संशोधन एक तरह से उनके योगदान की औपचारिक स्वीकारोक्ति है।
हालांकि रकम बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन नियमित बढ़ोतरी से एक सकारात्मक संदेश जरूर जाता है कि government benefits और मानदेय संरचना पर ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
यूपी बोर्ड की यह पहल परीक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी साबित होगी। नई दरें इसी सत्र से लागू हैं, इसलिए ड्यूटी करने वालों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। भविष्य में यदि इसी तरह समय-समय पर संशोधन होते रहे, तो परीक्षा कार्य और अधिक व्यवस्थित और प्रेरक बन सकता है।