यूपी बोर्ड के 29 हजार स्कूलों में 60 हजार अनुदेशकों की नियुक्ति
1 अप्रैल से बदल जाएगी पढ़ाई की दिशा और तस्वीर
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) से जुड़े करीब 29 हजार से अधिक स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र 2026–27 कई बड़े बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से कक्षा 9 और 11 में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेशभर में लगभग 60 हजार अनुदेशकों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे पढ़ाई को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
यह फैसला न सिर्फ शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि छात्रों को स्कूल स्तर पर ही व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी कौशल सिखाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हर स्कूल में अनिवार्य होंगे दो व्यावसायिक कोर्स
यूपी बोर्ड के latest official update के अनुसार, अब प्रत्येक स्कूल को कम से कम दो व्यावसायिक कोर्स पढ़ाने होंगे। इन कोर्सेज के लिए स्कूलों को अपने स्तर पर दो-दो अनुदेशक नियुक्त करने होंगे।
अनुदेशकों की eligibility और qualification को लेकर बोर्ड द्वारा स्पष्ट important guidelines तय की जा रही हैं। विशेषज्ञों की एक टीम अनुदेशकों की योग्यता का निर्धारण करेगी और इससे जुड़ी official details जल्द ही सभी स्कूलों को भेजी जाएंगी।
उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार हुआ पाठ्यक्रम
इन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग से तैयार किया गया है। कोर्स डिजाइन करते समय मौजूदा तकनीकी जरूरतों, उद्योग जगत की अपेक्षाओं और छात्रों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखा गया है।
पाठ्यक्रम पूरी तरह स्किल-बेस्ड, प्रैक्टिकल और जॉब-ओरिएंटेड हैं, ताकि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार किया जा सके। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है।
भौगोलिक आधार पर होगा विषयों का चयन
यूपी बोर्ड ने स्कूलों को विषय चयन में लचीलापन दिया है। प्रत्येक स्कूल अपनी भौगोलिक स्थिति और स्थानीय संसाधनों के अनुसार विषयों का चयन करेगा।
उदाहरण के तौर पर, भदोही जैसे क्षेत्रों में छात्रों को कालीन उद्योग से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़कर उनके लिए भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
10 दिनों की अनिवार्य इंटर्नशिप का प्रावधान
व्यावसायिक शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए छात्रों को संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 10 दिनों की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होगी। इससे छात्रों को काम का वास्तविक अनुभव मिलेगा और उन्हें यह समझने का मौका मिलेगा कि उद्योगों में काम कैसे होता है।
यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास और व्यावहारिक समझ को मजबूत करेगी।
108 नए व्यावसायिक कोर्स होंगे शुरू
यूपी बोर्ड कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों के लिए एक साथ 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इन कोर्सेज में आज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Artificial Intelligence, Aerospace, Media, Auto Service Technician जैसे आधुनिक और हाई-डिमांड विषय शामिल किए गए हैं।
ये कोर्स छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
बोर्ड का क्या कहना है
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार, यह official announcement विद्यालयी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्रों को स्कूल स्तर पर ही व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा और वे आगे की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
निष्कर्ष
यूपी बोर्ड का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है। 60 हजार अनुदेशकों की नियुक्ति, 108 नए कोर्स, इंटर्नशिप व्यवस्था और स्थानीय उद्योगों से जुड़ाव जैसे कदम छात्रों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि एक मजबूत भविष्य की नींव भी देंगे।