यूपी विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत, 11 फरवरी को पेश होगा अब तक का सबसे बड़ा बजट
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी राजनीतिक दलों से चर्चा की। इस बैठक में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य सत्र को सुचारु रूप से चलाना और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाना रहा।
करीब 9 लाख करोड़ का हो सकता है बजट आकार
सरकारी संकेतों के मुताबिक इस बार प्रदेश का बजट लगभग 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सरकार का फोकस प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को सीधा लाभ देने वाली योजनाओं पर रहेगा। सड़क, पुल, शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर खास जोर दिए जाने की संभावना है।
पिछले साल से बड़ा और ज्यादा असरदार बजट
पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश का बजट करीब 8.08 लाख करोड़ रुपये का था, जो उससे पहले की तुलना में लगभग 9.8 प्रतिशत ज्यादा था। अब आने वाला बजट न सिर्फ आकार में बड़ा होगा, बल्कि सरकार इसे जनकल्याण और विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी बनाने की तैयारी में है। यह साफ संकेत है कि सरकार विकास की रफ्तार को और तेज करना चाहती है।
युवा, किसान और गरीब वर्ग पर खास ध्यान
लेटेस्ट अपडेट के अनुसार बजट में युवाओं के रोजगार, किसानों की सहायता और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए चल रही सरकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत करने की योजना है, ताकि सरकारी लाभ सही पात्र तक समय पर पहुंच सके। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी जरूरी प्रावधान किए जा सकते हैं।
किन सेक्टरों को मिल सकता है ज्यादा बजट
अनुमान है कि कुल बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा। शिक्षा के लिए करीब 15 प्रतिशत, कृषि के लिए 12 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 8 प्रतिशत और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए लगभग 5 प्रतिशत आवंटन हो सकता है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य विकास के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखना है, ताकि योजनाएं लंबे समय तक असर दिखा सकें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर 11 फरवरी को होने वाली आधिकारिक बजट घोषणा से प्रदेश के विकास, रोजगार और जनकल्याण से जुड़ी कई अहम उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। अगर प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर सही तरीके से लागू होती हैं, तो यह बजट उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।