सेवानिवृत्त: उच्च प्राथमिक विद्यालय में विदाई समारोह, शिक्षक-छात्र हुए भावुक
बीघापुर विकासखंड के जंगलीखेड़ा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस दिन माहौल कुछ अलग ही था। खुशी भी थी, और हल्की उदासी भी। वजह थी—प्रधानाचार्य सरला देवी की सेवानिवृत्ति। लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाने और विद्यालय को संभालने के बाद उन्होंने अपनी सेवाएं पूरी कीं।
🎓 यादों से भरा रहा विदाई समारोह
विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह सादगी के साथ लेकिन दिल से किया गया। जैसे ही सरला देवी स्कूल पहुंचीं, उनका स्वागत फूलों की वर्षा से हुआ। यह पल हर किसी के लिए खास था।
शिक्षक और छात्र—दोनों ही भावुक नजर आए। कई बच्चों की आंखें नम थीं, तो शिक्षकों के चेहरे पर सम्मान और अपनापन साफ दिख रहा था।
👩🏫 सरल स्वभाव ने जीता सबका दिल
कार्यक्रम के दौरान अध्यापक विपिन द्विवेदी, संतोष कुमारी, संगीता सिंह और अर्चना ने सरला देवी के व्यवहार और उनके कार्यशैली की खुलकर तारीफ की। सभी ने एक ही बात कही—“उन्होंने हमेशा परिवार जैसा माहौल बनाया।”
यही वजह रही कि उनकी विदाई सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल बन गया।
📢 शामिल हुए कई शिक्षक और अधिकारी
इस मौके पर बीआरसी बीघापुर से प्रभाकर, जयशंकर, विजय और विनोद समेत न्याय पंचायत के कई शिक्षक भी मौजूद रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा किए और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का संचालन विश्वनाथ सिंह ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सहज और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
🏡 अपनी जड़ों से जुड़ी रहीं सरला देवी
सिकंदरपुरकर्ण ब्लॉक के कुलहा गांव की रहने वाली सरला देवी ने अपने संबोधन में कहा कि यह स्कूल उनके लिए सिर्फ कार्यस्थल नहीं, बल्कि परिवार जैसा रहा। उन्होंने बच्चों और सहकर्मियों के साथ बिताए पलों को हमेशा याद रखने की बात कही।
🍽️ शानदार व्यवस्था ने बढ़ाया आयोजन का मान
विद्यालय में टेंट और सजावट के साथ भोजन की भी अच्छी व्यवस्था की गई थी। इससे पूरे कार्यक्रम में एक अपनापन और उत्सव जैसा माहौल बना रहा।