प्रधानाध्यापिका ने बच्चों, महिलाओं को स्कूल में किया बंद, वीडियो प्रसारित

प्रधानाध्यापिका ने बच्चों, महिलाओं को स्कूल में किया बंद, वीडियो प्रसारित

सुलतानपुर जिले के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो के बाद क्षेत्र के वैनी कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, वायरल क्लिप्स की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन घटना को लेकर प्रशासन ने जांच की बात कही है।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से बच्चों और कुछ महिलाओं को स्कूल परिसर के अंदर बंद कर दिया। सामने आए वीडियो में वह गेट बंद कर बाहर जाती दिखाई दे रही हैं। बच्चे गेट खोलने की गुहार लगाते सुनाई दे रहे हैं।

एक अन्य वीडियो में एक बाहरी व्यक्ति बच्चों के साथ मारपीट करता नजर आता है। इस दौरान एक शिक्षामित्र उसे रोकने की कोशिश करती दिखाई देती हैं और मोबाइल से रिकॉर्डिंग भी करती हैं। हालांकि विद्यालय का अन्य स्टाफ मौके पर सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करता नजर नहीं आता।

(नोट: उपलब्ध वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।)

एमडीएम विवाद से जुड़ा मामला?

खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में मिड-डे-मील (MDM) को लेकर ग्राम शिक्षा समिति के बीच पहले से विवाद चल रहा है। 11 फरवरी को इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जा चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार दोपहर बाद स्कूल में फिर विवाद की सूचना मिली थी। अब सोमवार को विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानाध्यापिका का पक्ष

प्रधानाध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी का कहना है कि दोपहर अवकाश के बाद कुछ बच्चे स्कूल परिसर से बाहर जा रहे थे। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गेट बाहर से बंद किया ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर न आ सके और बच्चे भी बिना अनुमति बाहर न जाएं।

उनका आरोप है कि कुछ महिलाएं स्कूल पहुंचकर अनावश्यक विवाद और अराजकता फैलाने लगीं, जिससे स्थिति बिगड़ी।

प्रशासन की जांच पर सबकी नजर

यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा दोनों से जुड़ा है। ऐसे मामलों में important guidelines और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर हैं।

यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई संभव है। वहीं, यदि मामला गलतफहमी या स्थानीय विवाद का परिणाम निकलता है तो स्थिति अलग हो सकती है।

निष्कर्ष

स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण का स्थान होता है। ऐसे विवाद यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या सुरक्षा और अनुशासन के नाम पर उठाए गए कदम सही प्रक्रिया के तहत थे। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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