TET अनिवार्यता पर बड़ा खुलासा: 2017 संशोधन में क्या सच में हर शिक्षक के लिए जरूरी है TET? जानिए पूरा मामला

TET अनिवार्यता पर बड़ा खुलासा: 2017 संशोधन में क्या सच में हर शिक्षक के लिए जरूरी है TET? जानिए पूरा मामला

TET अनिवार्यता: कानून क्या कहता है? आसान भाषा में समझें

हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या हर शिक्षक के लिए TET (Teacher Eligibility Test) अनिवार्य है। खासकर 2017 के संशोधन का हवाला देकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। लेकिन अगर हम उस संशोधन को ध्यान से पढ़ें, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है।

2017 संशोधन की असली बात क्या है?

संशोधन की जिस लाइन का सबसे ज्यादा जिक्र होता है, उसमें साफ लिखा है कि शिक्षकों को “minimum qualifications” यानी न्यूनतम योग्यता पूरी करनी होगी।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें TET का सीधा उल्लेख नहीं है, बल्कि “minimum qualification” की बात की गई है। यानी बात किसी डिग्री या प्रोफेशनल योग्यता की हो रही है, न कि केवल एक परीक्षा की।

TET अनिवार्यता पर बड़ा खुलासा

TET: क्वालिफिकेशन या सिर्फ पात्रता?

इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू भी सामने आता है। शिवकुमार पाठक बनाम उत्तर प्रदेश केस में NCTE ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर साफ किया था कि:

👉 TET कोई शैक्षणिक क्वालिफिकेशन नहीं, बल्कि एक “eligibility” (पात्रता) परीक्षा है।

यानी TET पास करना जरूरी हो सकता है, लेकिन इसे डिग्री या मुख्य योग्यता के तौर पर नहीं माना जाता।

फिर “Minimum Qualification” में क्या शामिल है?

अब सवाल उठता है कि आखिर यह “minimum qualification” क्या है?

सरल शब्दों में समझें तो इसमें शामिल हैं:

B.Ed (Bachelor of Education)

D.El.Ed (Diploma in Elementary Education)

ये वो प्रोफेशनल कोर्स हैं, जो एक शिक्षक बनने के लिए जरूरी माने जाते हैं। 2017 संशोधन के बाद शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश भी दिए थे कि शिक्षक इन कोर्सेज को पूरा करें।

आसान उदाहरण से समझें

मान लीजिए किसी नौकरी के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है और साथ में एक एंट्रेंस टेस्ट भी देना है।

DM का नया आदेश: जुमात-उल-विदा की छुट्टी 13 मार्च की जगह 20 मार्च को घोषित

ग्रेजुएशन = Minimum Qualification

एंट्रेंस टेस्ट = Eligibility

ठीक इसी तरह:

B.Ed / D.El.Ed = Minimum Qualification

TET = Eligibility Test

 (Conclusion)

कुल मिलाकर, 2017 संशोधन में जिस “minimum qualification” की बात की गई है, वह TET नहीं बल्कि प्रोफेशनल डिग्री/कोर्स है।

TET को एक eligibility criteria के रूप में देखा जाता है, न कि मुख्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में।

इसलिए, TET को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उसके कानूनी और वास्तविक संदर्भ को समझना बेहद जरूरी है।

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