शिक्षक संख्या नहीं हैं: समायोजन के नाम पर संवैधानिक मूल्यों का हनन”

शिक्षक संख्या नहीं हैं: समायोजन के नाम पर संवैधानिक मूल्यों का हनन” उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा में यदि पूरे वर्ष को किसी एक शब्द ने निगल लिया है, तो वह शब्द है— समायोजन। अब यह आशंका नहीं, बल्कि ठोस भय बन चुकी है कि आने वाला वर्ष भी उसी अव्यवस्था, उसी अनिश्चितता और उसी … Read more