चार सहायक अध्यापिकाओं पर सख्त रुख अपनाया सेवा समाप्ति का नोटिस
सीतापुर में बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रही चार सहायक अध्यापिकाओं पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करते हुए 20 मार्च तक स्पष्टीकरण देने का अंतिम अवसर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यदि तय समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो उनकी नौकरी समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में विभाग ने 27 फरवरी को भी 13 शिक्षकों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी। ऐसे मामलों पर विभाग की सख्ती लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
किन शिक्षिकाओं पर हुई कार्रवाई
latest update के मुताबिक जिन शिक्षिकाओं को नोटिस भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:
खैराबाद विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय गद्दीपुर की शिवानी सिंह
प्राथमिक विद्यालय पकरिया की नेहा हजारी
महमूदाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय ईदगाहपुरवा की स्वाती सिंघल
परसेंडी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रसूलापुर की निधि यादव
बताया गया है कि ये सभी शिक्षिकाएं काफी समय से बिना किसी आधिकारिक सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित हैं। विभाग ने उनके मूल पते पर नोटिस भेजकर official details के साथ जवाब मांगा, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पढ़ाई पर पड़ रहा असर
अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति का सीधा असर स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ता है। खासकर प्राथमिक विद्यालयों में जब एक शिक्षक भी लंबे समय तक नहीं आता, तो बच्चों की पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है।
इसी वजह से बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सख्त कदम उठाते हुए 20 मार्च तक जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। यदि निर्धारित समय तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो यह माना जाएगा कि संबंधित शिक्षिकाएं सेवा जारी रखने की इच्छुक नहीं हैं।
फर्जी दस्तावेजों के मामलों में भी सामने आ चुकी है समस्या
विभागीय जांच में पहले भी कई चौंकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में पाया गया कि फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल की गई थी।
जैसे ही दस्तावेजों का सत्यापन शुरू हुआ, कई शिक्षक अचानक बिना सूचना के गायब हो गए। बाद में जांच पूरी होने पर विभाग ने उनकी बर्खास्तगी की कार्रवाई की। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जाती है।