स्मार्ट क्लास को मिलेगा नया विस्तार शिक्षकों के प्रशिक्षण से बदलेगी परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई

स्मार्ट क्लास को मिलेगा नया विस्तार शिक्षकों के प्रशिक्षण से बदलेगी परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। स्मार्ट क्लास संचालन के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में जनपद के 255 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू की जाएंगी, जिससे छात्रों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का लाभ मिलेगा।

स्कूलों में पूरा हुआ तकनीकी सेटअप

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, चयनित विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर और पाठ्यक्रम के अनुरूप डिजिटल कंटेंट पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है। कक्षाओं में जरूरी तकनीकी सेटअप पूरा होने के बाद अब फोकस शिक्षकों के प्रशिक्षण पर है, ताकि स्मार्ट क्लास का सही और प्रभावी उपयोग किया जा सके।

हर स्कूल से दो शिक्षक होंगे प्रशिक्षित

सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक विद्यालय से दो-दो शिक्षकों को स्मार्ट कक्षा संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस संबंध में डायट (DIET) की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये शिक्षक अपने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को नियमित रूप से संचालित करेंगे।

पहले चरण के सकारात्मक नतीजे

जिला समन्वयक प्रशिक्षण अशोक त्रिपाठी के अनुसार, जिले के 236 परिषदीय विद्यालयों में पहले से ही स्मार्ट कक्षाएं संचालित हो रही हैं।

उनका कहना है कि डिजिटल पढ़ाई से—

छात्रों की रुचि बढ़ी है,

विषयों को समझना आसान हुआ है,

और कक्षा में सहभागिता पहले से बेहतर हुई है।

इन्हीं सकारात्मक अनुभवों को देखते हुए दूसरे चरण का विस्तार किया जा रहा है।

जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

अशोक त्रिपाठी ने बताया कि दूसरे चरण में चयनित विद्यालयों के शिक्षकों को शीघ्र ही डायट में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान स्मार्ट बोर्ड संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग और कक्षा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश समझाए जाएंगे, ताकि स्मार्ट कक्षाओं का पूरा लाभ छात्रों तक पहुंचे।

 

स्मार्ट क्लास योजना न सिर्फ तकनीक को कक्षा तक ला रही है, बल्कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा भी दे रही है।

शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों के साथ यह पहल छात्रों के लिए बेहतर सीखने का माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

आने वाले समय में इसका असर छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन और डिजिटल समझ दोनों पर साफ दिखाई ।

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