विद्यालय को निपुण करने के नाम पर मांगे दस हजार रुपये, होगी जांच, वायरल वीडियो
बरेली, । सोशल मीडिया में शुक्रवार देर शाम एक विद्यालय को निपुण करने के नाम पर रुपये मांगने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वायरल वीडियो प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया बिथरी चैनपुर का बताया जा रहा है। वीडियो में दो युवक विद्यालय को निपुण करने के लिए पांच से 10 हजार रुपये की मांग करते सुनाई दे रहे हैं। युवकों को डायट के प्रशिक्षु बताया जा रहा है। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में निपुण एसेसमेंट का कार्य इस बार ऐप से किया जाना है। इसकी जिम्मेदारी डायट प्रशिक्षुओं को दी गई है। निपुण आंकलन के लिए डायट के
CG मिली है। वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। अगर सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो जानकारी डायट का कोई भी प्रशिक्षु रुपये की मांग करता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। – दीप्ति वाष्र्णेय, प्राचार्या डायट फरीदपुर
2024 बैच के सभी व 2023 बैच के कुछ प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विद्यालय को निपुण घोषित करने के नाम पर पांच से 10 हजार रुपये की मांग का वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो की जानकारी होने पर शिक्षक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया देते हुए बीएसए से मामले की शिकायत की बात कही है।
वायरल वीडियो बिथरी चैनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया का बताया जा रहा है, जहां निपुण आकलन के लिए पहुंचे डायट से जुड़े डीएलएड प्रशिक्षु विद्यालय को निपुण
करने के नाम पर पांच से 10 हजार रुपये की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो से जहां निपुण भारत मिशन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि बेसिक शिक्षा परिषद की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगने शुरू हो गए हैं। वीडियो वायरल होने के बादइस तरह की शिकायतें अन्य ब्लॉकों से भी आना शुरू हो गई हैं। मामले को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि यह गंभीर भ्रष्टाचार का मामला है। शनिवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल बीएसए से मिलकर दोषी प्रशिक्षुओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।
🔴 ऐसी सूचना प्राप्त हुई है कि आज #BTC प्रशिक्षुओं(सुमित और रोहित)द्वारा बिथरी चैनपुर के एक स्कूल में निपुण असेसमेंट में स्कूल निपुण करने के 5 से 10 हजार रूपये मांगे गए और कहा गया कि बेसिक में कोई काम बिना पैसे के नहीं होता और यह तो टीचरों के लिए छोटी रकम है।अगर पैसे नहीं दिए तो… pic.twitter.com/SgMuYtKrXh
— बेसिक शिक्षा ख़बर ( यूपी.& बिहार ) (@upbasic_shiksha) January 30, 2026