यूपी सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट: अप्रैल से हर जिले में शुरू होगी नई ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। latest update के मुताबिक अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल और एआई (Artificial Intelligence) में दक्ष बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सरकार का साफ लक्ष्य है—प्रदेश को इस क्षेत्र में देश का नंबर-वन बनाना।
📌 मिशन कर्मयोगी के तहत नई पहल
हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में official details साझा किए गए। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मिशन कर्मयोगी की प्रगति की समीक्षा की और आगे की योजना पर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जो कर्मचारी अभी निष्क्रिय हैं, उन्हें एक्टिव करने के लिए हर विभाग को अभियान चलाना होगा।
सीधे शब्दों में समझें तो अब “सीखना” सरकारी नौकरी का एक जरूरी हिस्सा बनने जा रहा है।
💻 हर कर्मचारी के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य
सरकार ने important guidelines जारी करते हुए कहा है कि हर कर्मचारी को कम से कम 4 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। इसमें खास बात यह है कि:
कम से कम 1 घंटा AI से जुड़े कोर्स का होगा
ट्रेनिंग पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी
सभी कर्मचारियों को समय पर यह पूरा करना अनिवार्य रहेगा
यह कदम इसलिए जरूरी माना जा रहा है क्योंकि अब लगभग हर सरकारी काम डिजिटल हो रहा है—चाहे वह फाइल प्रोसेसिंग हो या जनता से जुड़ी सेवाएं।
📅 2 से 8 अप्रैल तक “साधना सप्ताह”
सरकार ने 2 से 8 अप्रैल के बीच “साधना सप्ताह” मनाने का official announcement किया है। इस दौरान:
सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग पूरी करनी होगी
वेबिनार, ग्रुप डिस्कशन और पैनल चर्चा आयोजित होंगी
इन सभी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग पोर्टल पर अपलोड की जाएगी
यानी सिर्फ कोर्स करना ही नहीं, बल्कि एक्टिव भागीदारी भी जरूरी होगी।
👨💼 हर जिले में होंगे नोडल अधिकारी
इस पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने के लिए जिला और विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। उनका काम होगा:
ट्रेनिंग की मॉनिटरिंग
कर्मचारियों को गाइड करना
समय पर रिपोर्ट तैयार करना
इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।
📊 रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी
अगर आंकड़ों की बात करें तो यह पहल पहले से ही काफी सफल दिख रही है। लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों में से 19,99,497 कर्मचारी iGOT प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं।
इतना ही नहीं, प्रदेश के कर्मचारियों ने 1 करोड़ से ज्यादा कोर्स पूरे करके देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
🎯 क्यों जरूरी है यह बदलाव?
आज के समय में सिर्फ पारंपरिक कामकाज से काम नहीं चलता। जैसे मोबाइल अपडेट होता रहता है, वैसे ही स्किल्स भी अपडेट होना जरूरी है। यही सोचकर सरकार यह कदम उठा रही है।
इससे न सिर्फ कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाएं भी तेज और बेहतर होंगी—यानी सीधा फायदा लोगों को मिलेगा।