दो शिक्षक, पाँच कक्षाएँ और 80 बच्चे यही है सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत
दो शिक्षक, पाँच कक्षाएँ और 80 बच्चे यही है सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत बुनियादी शिक्षा को किसी भी समाज की नींव कहा जाता है, लेकिन जब यही नींव कमजोर हो जाए तो भविष्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मुरादाबाद के कई सरकारी प्राथमिक स्कूलों की स्थिति कुछ ऐसी ही तस्वीर पेश कर रही है, … Read more